{"_id":"5ed24776b1af305cd96e7dad","slug":"labourers-are-not-getting-food-in-sufficient-quantity-in-special-trains","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"श्रमिक स्पेशलः घंटों देरी से पहुंच रहीं ट्रेनें, कहीं खाने को मिला तो कहीं पानी भी नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रमिक स्पेशलः घंटों देरी से पहुंच रहीं ट्रेनें, कहीं खाने को मिला तो कहीं पानी भी नहीं
Sat, 30 May 2020 05:18 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 30 May 2020 05:18 PM IST
विज्ञापन
अपने दिव्यांग बच्चे को गोद में उठाकर जाता श्रमिक
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्पेशल ट्रेनों की लेट-लतीफी मजदूरों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। गाड़ियां घंटों की देरी से चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंच रही हैं। वहीं मजदूरों को रास्ते में खाना और पानी भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रहा है। शुक्रवार को भी कई श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंची।
गत बुधवार को गोवा के मडगांव से सुपरफास्ट स्टेशल ट्रेन शाम सात बजे रवाना हुई थी। लेकिन ट्रेन जब भुसावल पहुंची तो उसे रोक दिया गया। जबकि पीछे से आने वाली गाड़ियों को गुजारा जाता रहा। इस ट्रेन को महज 36 घंटे में चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंच जाना चाहिए था, लेकिन देरी की वजह से 41 घंटे लग गए।
इस ट्रेन से बस्ती जा रहे मजदूरों ने शिकायत की कि झांसी तक खाने-पीने की व्यवस्था थी, लेकिन उसके बाद चारबाग तक पीने का पानी तक नहीं मिला। चेन्नई से गोरखपुर जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन शुक्रवार सुबह झांसी से आगे बढ़ी, मजदूरों ने रेलवे प्रशासन से शिकायत की कि इटारसी के बाद से कुछ खाने तक को नहीं मिला। पानी भी नसीब नहीं हुआ। 04871 स्पेशल ट्रेन में यात्रा कर रहे मोहम्मद शमीम ने बताया कि रास्ते में खाने के पैकेट दिए गए, पर पानी कहीं नहीं मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन
गत बुधवार को गोवा के मडगांव से सुपरफास्ट स्टेशल ट्रेन शाम सात बजे रवाना हुई थी। लेकिन ट्रेन जब भुसावल पहुंची तो उसे रोक दिया गया। जबकि पीछे से आने वाली गाड़ियों को गुजारा जाता रहा। इस ट्रेन को महज 36 घंटे में चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंच जाना चाहिए था, लेकिन देरी की वजह से 41 घंटे लग गए।
विज्ञापन
इस ट्रेन से बस्ती जा रहे मजदूरों ने शिकायत की कि झांसी तक खाने-पीने की व्यवस्था थी, लेकिन उसके बाद चारबाग तक पीने का पानी तक नहीं मिला। चेन्नई से गोरखपुर जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन शुक्रवार सुबह झांसी से आगे बढ़ी, मजदूरों ने रेलवे प्रशासन से शिकायत की कि इटारसी के बाद से कुछ खाने तक को नहीं मिला। पानी भी नसीब नहीं हुआ। 04871 स्पेशल ट्रेन में यात्रा कर रहे मोहम्मद शमीम ने बताया कि रास्ते में खाने के पैकेट दिए गए, पर पानी कहीं नहीं मिला।
विज्ञापन
20 श्रमिक ट्रेनों से पहुंचे आठ हजार लोग
चारबाग रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार कुल 20 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से करीब 8000 यात्रियों ने सफर किया। इसमें तीन ट्रेनें लखनऊ में टर्मिनेट हुईं और करीब 18 पासिंग श्रमिक स्पेशल ट्रेनें गुजरीं। सुबह से ट्रेनों के चारबाग स्टेशन आने का सिलसिला बना रहा। जीआरपी सिपाही फेस शील्ड लगाकर ड्यूटी कर रहे थे। सोशल डिस्टेंसिन्ग का पालन करते हुए मजदूरों को स्टेशन से बाहर निकाला गया और रोडवेज बसों की मदद से जिलों में रवाना किया गया।