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एकेटीयू में खंगाली गई विनय पाठक की कुंडली : छह साल के कार्यकाल की नियुक्ति, योजनाओं, खरीद की ली जानकारी
Thu, 03 Nov 2022 12:22 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 03 Nov 2022 12:22 AM IST
सार
कमीशनखोरी के मामले में दर्ज एफआईआर के बाद आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के बाद एसटीएफ की टीम बुधवार को लखनऊ के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि (एकेटीयू) पहुंची और प्रो. पाठक के यहां कुलपति के पूरे छह साल के कार्यकाल (04 अगस्त, 2015-02 अगस्त 2021) की कुंडली खंगाली।
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एकेटीयू
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। कमीशनखोरी के मामले में दर्ज एफआईआर के बाद आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के बाद एसटीएफ की टीम बुधवार को लखनऊ के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि (एकेटीयू) पहुंची और प्रो. पाठक के यहां कुलपति के पूरे छह साल के कार्यकाल (04 अगस्त, 2015-02 अगस्त 2021) की कुंडली खंगाली।
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एसटीएफ ने कुलपति, कुलसचिव, वित्त अधिकारी व कुछ अन्य अधिकारियों से एक-एक कर बंद कमरे में मुलाकात की और प्रो. पाठक के कार्यकाल के दौरान हुई नियुक्तियों, योजनाओं, खरीद आदि की जानकारी जुटाई। जांच एजेंसी कुछ दस्तावेज भी अपने साथ ले गई है। साथ ही कुछ लोगों के बारे एकेटीयू प्रशासन से विस्तृत जानकारी भी मांगी है। एसटीएफ ने प्रशासन से यह जानने का प्रयास किया कि प्रो. पाठक के कार्यकाल के दौरान किन लोगों की टीचिंग व नॉन टीचिंग में नियुक्तियां हुई। कहीं नियुक्ति प्रक्रिया में किसी तरह की खामी तो नहीं हुई।
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इसी तरह उनके कार्यकाल में राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के बहुमुखी इंफ्रास्ट्रक्चरल डेवलपमेंट के लिए शुरू की गई 200 करोड़ की दीनदयाल उपाध्याय गुणवत्ता सुधार योजना (डीडीक्यूआईपी) से हुए काम व किस-किस फर्म को काम दिया गया, किसे कितना भुगतान हुआ, आदि के बारे में भी जानकारी ली गई। उससे जुड़े कुछ दस्तावेज भी मांगे गए।
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जांच एजेंसी ने प्रो. पाठक के कार्यकाल में हुई खरीद किन-किन फर्मों से, कितनी और क्या-क्या हुई है, इसके बारे में भी काफी बारीकी जानकारी लेने का प्रयास किया। उनके कार्यकाल में हुए निर्माण आदि से जुड़ी जानकारी भी ली। इन सबसे जुड़े दस्तावेज को लेकर विश्वविद्यालय अधिकारियों ने कहा कि लिखित पत्राचार में इससे जुड़ी जानकारी दी जाएगी।
अजय मिश्रा से लिंक भी जोड़ने का प्रयास
एसटीएफ प्रो. पाठक व एक्सएलआईसीटी कंपनी के मालिक अजय मिश्रा के खिलाफ इंदिरानगर थाने में दर्ज केस के बाद दोनों के लिंक भी जोड़ने का प्रयास कर रही है। क्योंकि डिजीटेक्स टेक्नोलॉजीजी इंडिया प्रा.लि. के एमडी डेविड मारियो डेनिस के हटने के बाद अजय की कंपनी ने एकेटीयू में भी परीक्षा से जुड़ा काम शुरू किया था। पूर्व में वह कॉपियों की स्कैनिंग, डाक्यूमेंट स्कैनिंग, ओएमआर सप्लाई आदि का काम करती थी। वर्तमान में भी अजय की कंपनी परीक्षा से जुड़े काम करने वाली एजेंसी को मैन पावर सप्लाई करने का काम कर रही है। एसटीएफ इस गठगोड़ को भी खंगालने का काम कर रही है।