कुंभ मेला यूनेस्को की ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ की सूची में शामिल
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भारत के कुंभ मेले को यूनेस्को ने ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ (आईसीएचएच) की सूची में शामिल कर लिया है। अंतरराष्ट्रीय संगठन ने एक ट्वीट करके इसकी जानकारी दी।
संयुक्त राष्ट्र संगठन के तहत अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए गठित अंतरसरकारी समिति ने दक्षिण कोरिया के जेजू में अपने 12वें सत्र में ‘आईसीएचएच’ की प्रतिनिधि सूची में कुंभ मेला को शामिल कर लिया।
4 दिसंबर को शुरू हुए इस बैठक का समापन 9 दिसंबर को होगा। कुंभ मेले को धार्मिक तीर्थयात्रियों को इकट्ठा करने वाला सबसे बड़ा आयोजन माना जाता है। इसके साथ ही कुंभ मेला, बोत्सवाना, कोलंबिया, वेनेजुएला, मंगोलिया, मोरक्को, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात की सूची में शामिल हो गया।
सांस्कृतिक मंत्री महेश शर्मा ने ट्वीट करते हुए कहा कि यह बहुत ही गर्व का अवसर है कि हमारे पवित्र कुंभ मेले को यूनेस्को के ‘आईसीएचएच’ की सूची में शामिल कर लिया गया।
A very proud moment for us as sacred #KumbhMela is just inscribed as the Intangible Cultural Heritage of Humanity by @UNESCO
— Dr. Mahesh Sharma (@dr_maheshsharma) December 7, 2017
Kumbh Mela is considered to be the largest peaceful congregation of pilgrims on earth, attended by millions irrespective of caste, creed or gender. pic.twitter.com/8Lq6z4vKyf
एक विशेषज्ञ समिति ने की थी अनुशंसा
भारत के आवेदन की विस्तृत जांच के बाद एक विशेषज्ञ समिति ने कुंभ मेला को ‘आईसीएचएच’ की सूची में शामिल किए जाने की अनुशंसा की थी।
कुंभ मेला देश के चार बड़े सांस्कृतिक शहरों इलाहाबाद, हरीद्वार, उज्जैन और नासिक में आयोजित किया जाता है। इसे नदियों की पूजा और सफाई से संबंधित एक धार्मिक अनुष्ठान के रूप में आयोजित किया जाता है।