देश संविधान से नहीं, हमारे हिंदू होने की वजह से धर्मनिरपेक्ष: कृष्ण गोपाल
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल ने रविवार को कहा कि देश संविधान की वजह से धर्मनिरपेक्ष नहीं है, बल्कि हिंदू धार्मिक है इसलिए देश धर्मनिरपेक्ष है। युवा कुंभ के उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए आरएसएस विचारक ने कहा कि संविधान कहता है कि हम धर्मनिरपेक्ष हैं, लेकिन हम कहते हैं कि देश हजारों वर्षों से धर्मनिरपेक्ष है।
सेकुलरिज्म की परिभाषा हमें संविधान से नहीं मिली। हजारों वर्ष पूर्व हमारे ऋषियों ने अपने अध्यात्म के भाव के कारण दुनिया के प्रत्येक संप्रदाय व मत को सम्मान से देखा। यह हमारी आध्यात्मिक भाव की पहचान है। उन्होंने कहा कि हम हिंदू हैं इसलिए आध्यात्मिक हैं। आध्यात्मिक हैं इसलिए धार्मिक। धार्मिक हैं इसलिए धर्मनिरपेक्ष। हिंदू का आध्यात्मिक व धार्मिक भाव हमें धर्मनिरपेक्ष बनाता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या बंटवारे के बाद बने दो देशों में सेकुलरिज्म है?
युवाओं को मिला गरीब भाई-बहनों का जीवन बदलने का एजेंडा
युवा कुंभ में कृष्ण गोपाल ने देश भर से आए युवा प्रतिनिधियों को गरीब परिवारों का जीवन बदलने का एजेंडा दिया। उन्होंने कहा कि आज पिछड़ा, कमजोर, भीख का कटोरा लेकर मांगने वाला भारत नहीं है। प्रतिष्ठा प्राप्त करने वाला, अनेक देशों के लिए सेटेलाइट बनाने वाला, मिसाइल बनाने वाला भारत है।
आरएसएस विचारक ने कहा कि एक ओर संपन्न, मेधावी और प्रतिभासंपन्न भारत, दूसरी ओर गरीब भारत है। गरीबों के रहने के लिए सुविधा नहीं है। संस्कार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि दोनों भारत को एक रहने के लिए अपने गरीब भाई-बहनों के लिए काम करना है। यह काम केवल सरकारों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।