जानिए मुलायम पर बन रही फिल्म के बारे में एक-एक बात
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यदि आप मुलायम सिंह यादव को एक राजनेता और एक व्यक्ति के रूप में पसंद करते हैं तो जल्द ही आपको उनके बारे में कई नई-नई बातें पता चलेंगी। आप मुलायम सिंह यादव के जीवन संघर्ष को करीब से देख पाएंगे। दरअसल यह सब उन पर बन रही फिल्म के माध्यम से आपको पता चलेगा।
छोटे से गांव सैफई से आने वाले मुलायम सिंह कैसे एक पहलवान, शिक्षक से होते हुये राज्य के मुख्यमंत्री बन गये। लगभग 50 सालों का ये दौर उनकी जीवन के शुरुआती दौर को उन पर बन रही ‘नेता जी’ में दिखाया जायेगा।
फिल्म की शूटिंग की शुरुआत जाड़ों तक यूपी के तमाम लोकेशनों पर होने की तैयारी है, ताकि विधानसभा चुनाव 2017 से पहले ही मूवी रिलीज की जा सके।
बुधवार को होटल ताज में लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने फिल्म यूनिट के साथ मुहूर्त लांच किया। निर्देशक के मुताबिक अभी तक ‘नेता जी’ फिल्म के मुख्य किरदार मुलाय सिंह यादव के लिये किसी कलाकार का चयन नहीं किया जा सका है, उसकी खोज जारी है।
50 साल का दिखेगा सफर, लखनऊ-इटावा में होगी शूटिंग
मुफ्ती सईद पर डाक्यूमेंट्री बना चुके मुंबई के फिल्मकार निर्देशक विवेक दीक्षित ने बताया कि पूरी शूटिंग लखनऊ, इटावा समेत कई स्थानों पर होगी। फिल्म के लिये 22 नवंबर 2015 से 22 नवंबर 2016 तक का समय महत्वपूर्ण है।
फिल्म में वो सब दिखाया जायेगा, जो अक्सर लोगों की निगाहों से अछूता रहा। निर्माता संदीप ने बताया शूटिंग अगले साल तक पूरा कर फिल्म रिलीज करने की तैयारी है। फिल्म में नेता जी पैदाइश के बाद से 1989 तक (जब वो पहली बार सीएम बने)का जीवन चरित्र दिखाया जायेगा।
इसमें उनके कई जननायक किरदारों लोहिया, जनेश्वर मिश्र, चौधरी चरण सिंह समेत कई राजनीतिक शख्सियतों को भी समेटा जायेगा। शिवपाल सिंह यादव समेत कई पारिवारिक जनों का भी किरदार दिखाने की प्लानिंग है। उन्होंने बताया कि बजट अभी लगभग 25 करोड़ का अनुमान लगाया जा रहा है।
क्या शिवपाल भी करेंगे रोल?
मुहूर्त लांचिंग पर लोक निर्माण मंत्री शिवापाल सिंह यादव ने कहा कि वो तो नेता जी केसाथ बचपन में साइकिल पर पीछे बैठ कर घूमे हैं, बाद में घुमाया भी है। उन्होंने स्कूल-कालेज के दिनों में अखाड़े में उतरकर कुश्ती के दांव पेंच भी सिखाये हैं।
कैसे वो एक कुश्ती के दौरान ही राजनीतिक शख्सियतों की निगाहों में आये, ये सब भी फिल्म में दिखाया जाये तो बेहतर रहेगा। पत्रकारों से सवाल जवाब के दौरान उन्होंने खुद के भी किरदार निभाये जाने पर इसे फिल्म निर्माताओं-निर्देशकों की पसंद पर ही छोड़ दिया।
फिल्म निर्माण से जुड़े जानकार फिल्म को राजनीतिक चश्मे से भी देख रहे हैं। चर्चा है कि विधानसभा चुनावों-2017 से पहले इस फिल्म को रिलीज कर लोगों तक मुलायम सिंह यादव की संघर्ष दिखाया जाना है।
कैसे संघर्ष कर गांव-देहातों के बीच का एक आम आदमी मुखिया बनता है। उनकी कहानी को सिल्वर स्क्रीन के माध्यम से लोगों को परोसा जायेगा, ताकि कुछ लाभ भी लिया जा सके। इसीलिये शूटिंग के बाद रिलीज की तारीख 2016 के जाड़ों में किये जाने की तैयारी है।