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लखनऊ : बारिश ने खोली भ्रष्टाचार की पोल, आउटर रिंग रोड की सर्विस लेन धंसी
Thu, 25 Jul 2019 12:18 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Thu, 25 Jul 2019 12:18 AM IST
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किसान पथ
- फोटो : amar ujala
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के ड्रीम प्रोजेक्ट आउटर रिंगरोड को बनाने में नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) और ठेकेदार कंपनी की लापरवाही सामने आई है। जमीन के नीचे मौजूद पाइपलाइन को बिना हटाए ही ठेकेदार कंपनी ने सड़क बना दी। इससे बुधवार की बारिश में ऑउटर रिंगरोड की 30 मीटर सर्विस लेन धंस गई। इस वजह से अब दो दिन तक सर्विस लेन पर ट्रैफिक बाधित रहेगा।
सड़क बुधवार दोपहर धंसी। शाम तक करीब 30 मीटर लंबाई में सर्विस लेन और सर्विस लेन की सुरक्षा दीवार व बेरीकेडिंग बर्बाद हो गई। इसके बाद एनएचएआई ने यहां से ट्रैफिक बंद करा दिया। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार कंपनी को सर्विस लेन दोबारा से बनाने के लिए कहा गया है। 48 घंटे में सर्विस लेन को ठीक कर ट्रैफिक शुरू कर दिया जाएगा।
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सड़क बुधवार दोपहर धंसी। शाम तक करीब 30 मीटर लंबाई में सर्विस लेन और सर्विस लेन की सुरक्षा दीवार व बेरीकेडिंग बर्बाद हो गई। इसके बाद एनएचएआई ने यहां से ट्रैफिक बंद करा दिया। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार कंपनी को सर्विस लेन दोबारा से बनाने के लिए कहा गया है। 48 घंटे में सर्विस लेन को ठीक कर ट्रैफिक शुरू कर दिया जाएगा।
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ऐसी लापरवाही कि जांच तक नहीं की
सड़क धंसने का कारण एनएचएआई के अधिकारी नीचे मौजूद एक पुरानी पाइपलाइन को बता रहे हैं। उनका कहना है कि आसपास किसी आबादी के मौजूद नहीं होने से पाइपलाइन के नीचे डाले जाने की उम्मीद नहीं थी। ठेकेदार कंपनी ने भी बिना जांच किए पाइपलाइन के ऊपर ही सुरक्षा दीवार और सर्विस लेन बना दी। मिट्टी का कटान पाइपलाइन की वजह से हुआ। इससे ही सड़क धंसी।
पांच साल तक ठेकेदार कंपनी करेगी देखभाल
एनएचएआई के परियोजना निदेशक पी शिवशंकर का कहना है कि आउटर रिंगरोड के निर्माण में लगी कंपनियों को पांच साल तक देखभाल और मरम्मत का काम करना है। यह उनके अनुबंध में शामिल है। ऐसे में अगर लापरवाही से सड़क धंसती है तो यह काम दोबारा कंपनी करेगी। इसके लिए जरूरी 10 प्रतिशत परफॉर्मेंस गारंटी भी जमा कराई गई है।
पांच साल तक ठेकेदार कंपनी करेगी देखभाल
एनएचएआई के परियोजना निदेशक पी शिवशंकर का कहना है कि आउटर रिंगरोड के निर्माण में लगी कंपनियों को पांच साल तक देखभाल और मरम्मत का काम करना है। यह उनके अनुबंध में शामिल है। ऐसे में अगर लापरवाही से सड़क धंसती है तो यह काम दोबारा कंपनी करेगी। इसके लिए जरूरी 10 प्रतिशत परफॉर्मेंस गारंटी भी जमा कराई गई है।