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अब भी सस्पेंस बनी हुई है खालिद की मौत
विष्णु मोहन/लखनऊ
Updated Wed, 18 Sep 2013 12:26 PM IST
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कचहरी सीरियल ब्लास्ट के आरोपी खालिद मुजाहिद की पुलिस अभिरक्षा में हुई मौत के मामले की जांच फिलहाल रुकी हुई है।
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मामले की जांच करने से सीबीआई द्वारा इनकार करे जाने के बाद से बाराबंकी पुलिस ही मामले की जांच कर रही है। लेकिन चार महीने की जांच के बाद भी अब तक मौत के कारण को तलाश नहीं सकी है।
खालिद की 18 मई, 2013 को पुलिस की अभिरक्षा में पुलिस की ही वैन में मौत हो गई थी।
उसकी मौत के बाद बाराबंकी पुलिस ने मामले को दर्ज कर औपचारिक छानबीन शुरू कर दी थी। खालिद के शव का डॉक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के दौरान पोस्टमार्टम कराया गया था।
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सूत्रों की मानें तो पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने उसी समय राय जाहिर की थी कि खालिद की मौत के हृदय गति रुकने से हुई प्रतीत हो रही है, लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विसरा व अन्य अवयवों को जांच के लिए विधि विज्ञान अनुसंधान प्रयोगशाला भेजा गया था।
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प्रयोगशाला में विसरा की जांच में पाया गया था कि खालिद को किसी तरह का जहरीला पदार्थ नहीं दिया गया था, जिससे कि उसकी मौत होती।
चूंकि खालिद के शरीर पर ऊपरी तौर से किसी तरह के घाव के निशान नहीं पाए गए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने दम घुटने से मौत होने की पुष्टि नहीं हुई थी।
विधि विज्ञान प्रयोगशाला ने जहर से मौत होने की संभावना को भी नकार दिया। ऐसे में बाराबंकी पुलिस की तफ्तीश धीमी पड़ गई है। जांच के नाम पर पेशी पर साथ गए बाकी के कैदियों व जेलकर्मियों से पूछताछ करने तक सीमित रह गई है।