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Lucknow News: केजीएमयू को लगातार तीसरे वर्ष उपकरण मद में मिले 300 करोड़ रुपये

Thu, 12 Feb 2026 01:29 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 12 Feb 2026 01:29 AM IST
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KGMU receives Rs 300 crore for equipment for the third consecutive year
किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय। 

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लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय को लगातार तीसरे वर्ष मशीन और उपकरण मद में 300 करोड़ रुपये मिले हैं। इस राशि से इलाज के साथ ही मशीनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। पहली बार जांच और विश्लेषण में आर्टिफिशियल इंटेजीजेंस (एआई) का इस्तेमाल भी शुरू किया जाएगा। इस साल केजीएमयू को कुल 1938 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।




केजीएमयू कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि पिछले दो वर्ष में 300-300 करोड़ रुपये मिलने की वजह से ज्यादातर जरूरी मशीन व उपकरण की खरीद हो चुकी है या फिर प्रक्रिया में है। सरकार से अनुरोध किया गया था कि इलाज और जांच में वेटिंग समाप्त करने के लिए मशीन और उपकरण मद में इस वर्ष भी बजट दिया जाए। इसे मंजूर कर लिया गया है। इससे उन मशीनों की खरीद पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिनके लिए वेटिंग ज्यादा रहती है।
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एआई इस्तेमाल के लिए कम्प्यूटिंग यूनिट



केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि इलाज में एआई के इस्तेमाल के लिए एआई कम्प्यूटिंग यूनिट स्थापित की जाएगी। इस यूनिट पर आठ से 10 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। यह यूनिट मरीजों की जांच रिपोर्ट, इमेजिंग और अन्य इलाज संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण करेगी। इससे मरीजों के इलाज की दिशा तय करने में आसान होगी। गंभीर और जटिल बीमारियों के मामलों में निर्णय लेने में लगने वाला समय भी कम होगा। कैंसर, दिल, न्यूरोलॉजी और रेडियोलॉजी जैसे विभागों में इसका लाभ अधिक मिलने की संभावना है। इस सेंटर के माध्यम से एआई डॉक्टरों के सहायक के रूप में काम कर सकेगा।
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सात मंजिला होगा ओपीडी का नया भवन



केजीएमयू को वृहद निर्माण काम के लिए भी 300 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं जिससे यहां सात मंजिला नया ओपीडी परिसर बनाया जाएगा। यह ओपीडी ब्लॉक राजकीय बालिका इंटर कॉलेज व संस्कृत पाठशाला की 4.8 एकड़ भूमि पर बनेगा। नए ओपीडी ब्लॉक, कॉर्डियोलॉजी, गायनी, मानसिक, रेस्पीरेटरी मेडिसिन, आर्थोपैडिक्स, गठिया समेत दूसरे विभागों की ओपीडी का संचालन एक साथ करने की योजना है। इसकी विशेषता यह भी होगी कि हर डॉक्टर के कमरे के सामने 200 मरीजों के बैठने की व्यवस्था भी होगी। इसके साथ ही नया डेंटल ब्लॉक और क्वीनमेरी से सटी खाली भूमि पर वूमेन एपेक्स सेंटर बनने की राह आसान हो गई है। सरकार ने परिसर में तीन प्रमुख भवनों के निर्माण के मद में बजट का प्रावधान किया है। इन भवनों के बनने से मरीजों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। वूमेन एपेक्स सेंटर में गंभीर हुई प्रसूताओं को भर्ती किया जाएगा। इसमें 100 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बनेगा। इसमें 50 बेड मेटरनल इंटेसिव केयर यूनिट (एमआईसीयू) और 50 बेड नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) के होंगे। वहीं नए डेंटल भवन में चार विभागों का संचालन किया जाएगा। यह भवन पुराने जर्जर हो चुके ओल्ड डेंटल भवन के हिस्से को ढहाकर बनाया जाएगा।
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