केजीएमयू: 13 डॉक्टरों पर कार्रवाई की तैयारी, छह सदस्यीय समिति करेगी एसटीएफ रिपोर्ट की जांच; सामने आई ये बात
केजीएमयू की कार्यपरिषद ने एसटीएफ रिपोर्ट में नामजद 13 डॉक्टरों पर कार्रवाई के लिए छह सदस्यीय अनुशासनात्मक समिति गठित करने का फैसला लिया है। समिति एसटीएफ रिपोर्ट, संबंधित दस्तावेजों और डॉक्टरों-कर्मचारियों के पक्ष की जांच करेगी। इसके बाद विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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एसटीएफ की रिपोर्ट में नामजद केजीएमयू के 13 डॉक्टरों पर कार्रवाई के लिए शुक्रवार को विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति (डिसिप्लिनरी एक्शन कमेटी) गठित करने का फैसला लिया। कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद की अध्यक्षता में हुई कार्यपरिषद की बैठक में धर्मांतरण और डॉ. रमीज प्रकरण से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा की गई।
प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि बैठक में 30 अक्तूबर को भेजी गई एसटीएफ की रिपोर्ट पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। शुरुआत में कुलसचिव ने रिपोर्ट के सभी बिंदुओं को कार्यपरिषद के सामने रखा। साथ ही संबंधित फैकल्टी सदस्यों और कर्मचारियों की ओर से दिए गए प्रत्यावेदनों को भी सुना गया। सदस्यों ने इन पर सुझाव रखे। सभी पक्षों को सुनने के बाद कार्यपरिषद ने तय किया कि प्रत्यावेदनों को संबंधित विभागीय समितियों के सामने भी रखा जाएगा, जहां तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर उनका परीक्षण होगा।
छह सदस्यीय समिति करेगी रिपोर्ट की जांच
अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति का गठन केजीएमयू एक्ट और विश्वविद्यालय की परिनियमावली के तहत किया जाएगा। इसमें कुलपति और कुलसचिव के अलावा चार अन्य सदस्य होंगे। दो सदस्य विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकों में से नामित किए जाएंगे, जबकि दो स्वतंत्र सदस्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी होंगे। स्वतंत्र सदस्यों के लिए वरिष्ठ पदों से सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारियों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है।
समिति एसटीएफ की पूरी रिपोर्ट, उससे जुड़े तथ्यों और अभिलेखों की जांच करेगी। साथ ही संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों का पक्ष भी सुनेगी। इसके बाद विश्वविद्यालय की परिनियमावली और लागू नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। शासन ने भी केजीएमयू एक्ट और परिनियमावली के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।