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KGMU: शरीर में कितनी विषाक्त धातुएं... अब केजीएमयू में हो सकेगी जांच, आने वाली है खास तरह की मशीन
Thu, 03 Jul 2025 03:32 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 03 Jul 2025 03:32 PM IST
सार
केजीएमयू के फॉरेंसिक एंड टॉक्सिकोलॉजी विभाग में इंडक्टिवली कपल्ड प्लाज्मा मास स्पेक्ट्रोमेट्री मशीन लगाई जाएगी। इससे शरीर में मौजूद विषैले तत्वों की जांच हो सकेगी।
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केजीएमयू ।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में जल्द ही शरीर में माैजूद विषाक्त धातुओं की पहचान भी हो सकेगी। इसके लिए फाॅरेंसिक एंड टाॅक्सिकोलाॅजी विभाग में नई मशीन आने वाली है। इंडक्टिवली कपल्ड प्लाज्मा मास स्पेक्ट्रोमेट्री (आईसीपी-एमएस) नामक मशीन की सहायता से शरीर में माैजूद धातुओं की जांच संभव होगी।
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केजीएमयू में फाॅरेंसिक एंड टाॅक्सिकोलाॅजी विभाग की डाॅ. शिऊली राठाैर ने बताया कि दूषित खानपान की वजह से शरीर में सीसा, पारा, कैडमियम और आर्सेनिक का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। इनसे शरीर को गंभीर नुकसान हो सकते हैं। इनकी जांच के लिए अभी तक संस्थान में कोई व्यवस्था नहीं थी।
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बीते वर्ष विभाग में टाॅक्सिकोलाॅजी लैब की शुरुआत की गई है। लैब में सभी प्रकार के जहर की जांच हो सकती है। इसे और आगे बढ़ाते हुए अब नुकसान पहुंचाने वाली धातुओं की जांच के लिए आईसीपी-एमएस मशीन आने वाली है। साल के अंत तक इसके आने की उम्मीद है। इसके बाद जांच शुरू हो जाएगी।
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जहर की मात्रा की भी हो सकेगी जांच
केजीएमयू की टाॅक्सिकोलाॅजी लैब में इस समय विभिन्न प्रकार के जहर की जांच की जाती है। जांच में यह पता चल जाता है कि किस प्रकार का जहर है, लेकिन अभी ये पता नहीं चल पाता है कि उसकी मात्रा कितनी है। अगले चरण में नई मशीन के माध्यम से जहर की मात्रा का पता लगाना भी संभव हो सकेगा।