फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   kgmu hiding statistics of junior doctors strike

मरीजों की मौत के दाग से डॉक्टरों को बचाने के लिए यह सब कर रहा है केजीएमयू

Sat, 18 Jun 2016 01:30 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Sat, 18 Jun 2016 01:30 PM IST
विज्ञापन
kgmu hiding statistics of junior doctors strike
डेमो - फोटो : amar ujala

केजीएमयू प्रशासन तीन दिन की हड़ताल के दौरान भेंट चढ़ी 31 मरीजों की मौत का दाग जूनियर डाक्टरों के दामन पर न लगने देने की जोड़तोड़ में जुटा है।

विज्ञापन


इसके चलते ही कोर्ट के निर्देश पर गठित हाई पावर कमेटी की जांच रिपोर्ट आने से पहले ही केजीएमयू प्रशासन ने अपनी आंतरिक जांच कमेटी की रिपोर्ट जारी कर जानबूझ कर पूरे मामले में भटकाव पैदा करने के लिए केजीएमयू में कोई हड़ताल न होने का नया शिगूफा छेड़ा है। हालांकि प्रशासन के इस दावे की कलई खुद उसके द्वारा हड़ताल तिथि पर तैयार मरीजों की ओपीडी व भर्ती के आंकड़े खोल रहे हैं।
विज्ञापन


अब मेडिकल विवि के कुलपति से लेकर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक तक इस बात का जवाब देने से बच रहे हैं कि अगर 30 मई से एक जून तक जूनियर डाक्टरों की हड़ताल नहीं थी तो फिर इन तीन दिनों में केजीएमयू में आने वाले ओपीडी मरीजों व ट्रॉमा सहित वार्डों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में अचानक सामान्य दिनों के अपेक्षा बड़ी गिरावट कैसे आई।

विज्ञापन
विज्ञापन

आंकड़ों ने खोली केजीएमयू की पोल

kgmu hiding statistics of junior doctors strike
डेमो

सामान्य दिनों में केजीएमयू के सभी विभागीय आउटडोर परिसरों और ट्रॉमा सेंटर पर मरीजों की भारी भीड़ रहती है। मेडिकल विवि प्रशासन से जुड़े चिकित्सक खुद बताते हैं कि सामान्य दिनों में ट्रामा सेंटर के इनडोर में 300 से 350 मरीज आते हैं इनमें से 90 से 110 का रजिस्ट्रेशन और 65 से 75 की भर्ती ट्रॉमा के माध्यम से होती है। 

सामान्य परिस्थिति में हर दिन ट्रॉमा सेंटर में औसतन 12 से 15 मरीजों की मौत इलाज के दौरान होती है जबकि आउटडोर में विभागीय ओपीडी में हर दिन 3 हजार से 3250 तक पंजीकरण और 75 से 100 मरीजों की भर्ती होती है। इसके इतर हड़ताल अवधि के दौरान मेडिकल विवि के डिर्पाटमेंट ऑफ इमरजेंसी विभाग की रिपोर्ट कुछ और हकीकत बयान करती है।
     

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed