केजीएमयू का बड़ा फैसलाः एसी जनरल वार्ड अब फ्री प्राइवेट रूम की फीस आधी
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वहीं प्राइवेट एसी और नॉन एसी वार्ड की फीस घटाकर आधी कर दी गई है। इन राहतों के साथ ही पैथोलॉजी जांचों की फीस में 20 से 30 फीसदी तक कमी लाने की तैयारी चल रही है।
कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई बैठक के बाद बेड चार्ज और प्राइवेट वार्ड की फीस घटाने का फैसला किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने बताया कि जनरल एसी वार्ड में रोजाना के हिसाब से 100 रुपये की फीस बेड चार्ज के रूप में ली जाती थी। अब इसके लिए कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा।
कुलपति ने शुक्रवार को रेजीडेंट डॉक्टरों के साथ भी एक बैठक की। उसने कहा कि वह मरीजों के साथ अपने व्यवहार को सुधारें। मरीज और उनके तीमारदार काफी दिक्कतों को लेकर केजीएमयू आते हैं। उनसे अच्छा व्यवहार किया जाए तो वह इलाज के साथ अच्छी यादें भी लेकर जाएंगे।
रेडियोलॉजी जांचें भी होंगी सस्ती
पूर्व कुलपति प्रो. रविकांत ने इलेक्ट्रिसिटी और बेड चार्ज के नाम पर 100 रुपये रोजाना फीस की व्यवस्था लागू की थी। नए कुलपति के चार्ज वापस लेने के फैसले से रोजाना 2500 आम मरीज इस भीषण गर्मी में सुकून के साथ इलाज पा सकेंगे।
डॉ. विजय कुमार के मुताबिक रेडियोलॉजी विभाग में होने वाली एक्स-रे, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई जांचों की दरों में भी कमी लाई जाएगी। गौरतलब है कि पूर्व कुलपति ने रेडियोलॉजी जांच की फीस में 25 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी की थी।
अब तैयारी है कि इन जांचों में बढ़ी हुई फीस को विभागाध्यक्ष के साथ बैठक करने के बाद वापस ले लिया जाएगा। कुलपति प्रो. भट्ट ने प्रशासनिक अधिकारियों और डॉक्टरों को सख्त निर्देश दिया है कि बीपीएल मरीजों को इलाज व जांच की सुविधा पूरी तरह मुफ्त मिले।
बीपीएल श्रेणी के रोगी से किसी तरह की फीस लेने की बात सामने आती है तो संबंधित को लिखित जवाब देना होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि बीपीएल मरीजों और ट्रॉमा इमरजेंसी में पहुंचने वाले मरीजों जिनके साथ कोई नहीं है, उनकी जांचें प्राथमिकता से कराने के बाद इलाज शुरू कराया जाए।
सीटी स्कैन और एमआरआई शुल्क भी घटेगा
यदि ऐसा नहीं किया और शिकायत मिली तो जिम्मेदारों से लिखित जवाब देना होगा। हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन बोर्ड ने सीटी स्कैन और एमआरआई शुल्क को भी कम करने के निर्देश दिए हैं।
पूर्व कुलपति प्रो. रविकांत ने शासन से बजट कम मिलने के कारण बेड से लेकर सभी तरह की रेडियोडॉयग्नोसिस जांच का शुल्क बढ़ा दिया था। अब नए कुलपति इसे फिर से घटाकर कम करने की तैयारी कर रहे हैं।
सीटी स्कैन जांच का शुल्क 1000 रुपये से 500 रुपये, एमआरआई जांच का शुल्क 3500 से 2500 रुपये करने की तैयारी है। जबकि डिजीटल एक्स-रे शुल्क को कम करने के बारे में रेडियोडायग्नोसिस विभाग के हेड से वार्ता के बाद फैसला लिया जाएगा।
केजीएमयू में वर्तमान में एक अत्याधुनिक सीटी स्कैन न्यू ओपीडी में और 15 साल से भी अधिक पुरानी एक सीटी स्कैन मशीन केजीएमयू परिसर व एक ट्रॉमा सेंटर में लगी है। हॉस्पिटल एडिमिनिस्ट्रेशन बोर्ड के अनुसार सीटी स्कैन मशीनों की कुल संख्या छह और एमआरआई की संख्या एक से बढ़ाकर तीन की जाएगी।
अमृत फार्मेसी जन औषधि केंद्र खुलेंगे
अमृत फार्मेसी एम्स दिल्ली, बीएचयू को जेनरिक दवाएं आपूर्ति करती है। केजीएमयू प्रदेश का दूसरा चिकित्सा संस्थान होगा, जहां अमृत फार्मेसी की मदद से सस्ती जेनरिक दवाएं आपूर्ति की जाएंगी।
वर्तमान में केजीएमयू आमा डायग्नोसिस वालों की एक दुकान और केजीएमयू वेलफेयर सोसायटी की 18 फार्मेसी से मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं।