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बिना 'प्रिकॉशन' डॉक्टर बने एचआईवी पॉजिटिव
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 01 Nov 2014 02:37 PM IST
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केजीएमयू में एचआईवी-एड्स के साथ जी रहे लोगों की सर्जरी से बचाव के लिए यूनिवर्सल प्रिकॉशन का पालन नहीं हो रहा है।
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प्रशिक्षित न होने के कारण 50 से अधिक डॉक्टर दुर्घटनावश एचआईवी संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।
हाल ही में ऑर्थोपैडिक विभाग के एक रेजीडेंट को भी अचानक एक्सपोजर हो गया था। इसके बावजूद चिकित्सकों के लिए प्रोटेक्टिव किट उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
केजीएमयू एचआईवी-एड्स के साथ जी रहे लोगों की सर्जरी डॉक्टरों के लिए चिंता का कारण बन गई है।
यहां के 50 से अधिक डॉक्टर सर्जरी और ट्रीटमेंट के दौरान दुर्घटनावश एचआईवी एक्सपोजर का शिकार हो चुके हैं।
हालत ये है कि अधिकतर एचआईवी पॉजिटिव मरीजों के परिवारीजनों को सर्जरी से पहले डॉक्टरों को किट खरीद कर देनी पड़ती है। इसके बाद ही उनकी सर्जरी की जाती है।
एक सीनियर डॉक्टर ने बताया कि सर्जरी के दौरान सुई चुभने, आंख में मरीज का खून चला जाने या फिर सर्जरी नाइफ से चोटिल होने जाने के मामले होते रहते हैं।
एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की सर्जरी के दौरान डॉक्टर एक्सपोजर से बचे रहें इसके लिए यूनिवर्सल प्रिकॉशन अपनाए जाते हैं।
इसमें सर्जरी करने वाली टीम के लिए विशेष चश्मे, ग्लब्स, मास्क एप्रेन दिया जाता है, लेकिन किट की कमी के कारण कभी-कभी मरीजों के परिवारीजनों से सामान मंगाना मजबूरी हो जाता है। जबकि प्रोफालेक्सिस किट यूपी एड्स कंट्रोल सोसाइटी निशुल्क उपलब्ध कराती है।
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