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KGMU: आरक्षण के नियमों का उल्लंघन कर केजीएमयू में शिक्षक भर्ती का आरोप, कांग्रेस सांसद ने खोला मोर्चा
Tue, 01 Jul 2025 09:16 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 01 Jul 2025 09:16 PM IST
सार
कांग्रेस सांसद ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में केजीएमयू की कुलपति पर आरक्षण के नियमों का उल्लंघन कर शिक्षकों की भर्ती करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की है।
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केजीएमयू की कुलपति सोनिया नित्यानंद व कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कांग्रेस के सांसद तनुज पुनिया ने केजीएमयू कुलपति प्रो सोनिया नित्यानंद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि आरक्षण नियमों को दरकिनार कर शिक्षकों की भर्ती की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केजीएमयू की कुलपति प्रो सोनिया नित्यानंद ने केजीएमयू ही नहीं बल्कि लोहिया संस्थान के निदेशक के दौरान भी गड़बड़ियां की हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
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मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने आरोप लगाया कि केजीएमयू अधिनियम की धारा 13 के तहत महानिदेशक सहित चार सदस्यीय समिति द्वारा की गई जांच में शिक्षकों की भर्ती में आरक्षण नियमों का उल्लंघन पाया गया। इसके बाद भी केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने भर्तियां कर डालीं। कुलपति द्वारा अधिकांश अभ्यर्थियों को नॉट फॉर शुटेबल (एनएफएस) घोषित किए जाने के कारण आरक्षित वर्ग के कुल 78 पदों का बैकलॉग फिर तैयार हो गया हैं, जिसे विशेष भर्ती अभियान के माध्यम नहीं भरा जा रहा हैं।
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि डॉ. सोनिया नित्यानंद द्वारा लोहिया संस्थान में निदेशक के पद पर रहते हुए भी आरक्षण नियमों के विरूद्ध शिक्षकों का विज्ञापन निकाला गया, जिसे उच्च न्यायालय द्वारा निरस्त कर दिया गया था। इससे इनकी दलित-पिछड़ों आरक्षण विरोधी मानसिकता स्पष्ट होती हैं। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि कार्यपरिषद में अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व नहीं है। प्रावधानों के विरूद्ध वरिष्ठता की अनदेखी करते हुए कार्य परिषद में डॉ. पुनीता मानिक एवं डॉ. अनिल निश्चल और डा. अपजित कौर को शामिल किया गया है। पत्र में अधिनियम व परिनियमावली का जानबूझकर उल्लंघन करने के मामले में डॉ. सोनिया नित्यानंद के विरूद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह पत्र चिकित्सा शिक्षा विभाग को भेज दिया है। विभाग की ओर से पूरे मामले में आरोपों के संबंध में आख्या तलब की गई है। इस संबंध में कुलपति प्रो सोनिया नित्यानंद का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। केजीएमयू के प्रवक्ता डा. केके सिंह का फोन आया। उन्होंने कुलपति की ओर से पक्ष रखते हुए सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भर्ती नियमों के तहत की गई है। इस पर अलग- अलग कमेटियां अपना सुझाव दे चुकी हैं। उसी के तहत नियुक्ति हुई है।