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KGMU: केजीएमयू में पहली बार ईडब्ल्यूएस कोटे के शिक्षक को मिली नियुक्ति, हर महीने मिलेगा एक लाख का स्टाइपेंड
Tue, 17 Dec 2024 05:13 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 17 Dec 2024 05:13 PM IST
सार
केजीएमयू में ईडब्ल्यूएस कोटे से एक शिक्षक की नियुक्ति हो गई है जबकि एक अन्य नियुक्ति प्रक्रिया में है। हड्डी रोग और डेंटल विभाग में एक-एक अभ्यर्थी का चयन हुआ था।
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- फोटो : amar ujala
विस्तार
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्विद्यालय में पहली बार आर्थिक रूप कमजोर (ईडब्ल्यूएस) वर्ग में शिक्षक ने जॉयन किया है। विश्वविद्यालय में दो साल पहले भी ईडब्ल्यूएस कोटे में एक शिक्षक की नियुक्ति हुई थी। उस समय सत्यापन में प्रमाण पत्र गलत पाया गया था। इस बार इस कोटे में दो नियुक्तियां हुई हैं। इनमें से सत्यापन के बाद एक शिक्षक ने जॉयन किया है। दूसरे शिक्षक का प्रमाणपत्र अभी भी सत्यापित नहीं हो सका है।
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केंद्र सरकार की ओर से ईडब्ल्यूएस कोटा लागू होने के बाद आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 10 फीसदी सीट आरक्षित की गई हैं। केजीएमयू में दो साल पहले इस कोटे में कई सीट का विज्ञापन जारी किया गया था। उस समय इन पर भर्ती के लिए एक डॉक्टर आए। उनका चयन भी हो गया। चयन होने के बाद उनके प्रमाण पत्र का सत्यापन हुआ, तो वह गलत पाया गया।
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इस बार भी इस कोटे में सात सीट का विज्ञापन जारी हुआ। इसमें हड्डी रोग और डेंटल में एक-एक अभ्यर्थी का चयन हुआ। इनमे से डेंटल में तो शिक्षक ने जॉयन कर लिया पर अभी तक हड्डी रोग विभाग में चयनित शिक्षक के प्रमाण पत्र का सत्यापन नहीं हो पाया है।
क्यों आती है समस्या
असल में ईडब्ल्यूएस कोटे में डॉक्टर का चयन काफी मुश्किल काम है। इस कोटे में चुने जाने के लिए अधिकतम पारिवारिक आय की सीमा आठ लाख रूपये निर्धारित है। किसी भी डॉक्टर को नियुक्ति से पहले रेजिडेंटशिप करनी होती है। इस दौरान उसे एक लाख रूपये महीने का स्टाइपेंड मिलता है। ऐसे में वह आठ लाख रूपये की सीमा से बाहर हो जाता है। केजीएमयू के फैकल्टी इंचार्ज मीडिया सेल प्रो के के सिंह का कहना है कि इस बार हुई शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में ईडब्ल्यूएस कोटे में दो नियुक्तियां हुई हैं। इनमें से एक ने जॉयन कर लिया है। दूसरे की सत्यापन प्रक्रिया चल रही है।