{"_id":"1198962165416e6d67e7657b46e1a93d","slug":"kgmu-6","type":"story","status":"publish","title_hn":"केजीएमयू की बढ़ी रैंकिंग, छठे से चौथे स्थान पर पहुंचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केजीएमयू की बढ़ी रैंकिंग, छठे से चौथे स्थान पर पहुंचा
अमित यादव/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 10 Apr 2014 02:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के कुलपति प्रो.डी.के.गुप्ता के कार्यकाल में संस्थान देश में छठे से चौथे पायदान पर पहुंच गया है।
विज्ञापन
कैडबर से अंग लेकर ट्रांसप्लांट की सुविधा, एडवांस रिसर्च लैब और आर्गन ट्रांसप्लांट विभाग शुरू होना इस कार्यकाल की अन्य उपलब्धियां हैं।
कुलपति के सम्मान में रखे गए विदाई समारोह में बुधवार को सीएमएस प्रो.एस.एन.शंखवार ने ये बात कही। प्रो.डी.के.गुप्ता का कार्यकाल 11 अप्रैल को पूरा हो रहा है।
विज्ञापन
उनकी जगह एम्स भोपाल के सर्जरी विभाग के हेड प्रो. रविकांत कुलपति का कार्यभार संभालेंगे। कुलसचिव योगेश कुमार शुक्ला द्वारा आयोजित विदाई समारोह में प्रो. शंखवार ने कहा कि प्रो. डी.के. गुप्ता का तीन वर्षीय कार्यकाल बृहस्पतिवार को समाप्त हो रहा है।
विज्ञापन
उनके आने के बाद छठे स्थान से चौथे पायदान तक पहुंचने की उपलब्धि संस्थान ने बीते तीन वर्षो में ही अर्जित की है। यही नहीं ट्रॉमा एंड इमरजेंसी मेडिसिन विभाग को शुरू करने की अनुमति एमसीआई से मिल गई है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरसिंह वर्मा ने कहा कि प्रो. गुप्ता के निर्देशन में संस्थान की सुंदरता भी बढ़ी है। सभी तरह के मरीजों की सुविधाओं में इजाफा हुआ है।
पहली बार परिसर के अंदर एक विभाग से दूसरे विभाग तक जाने के लिए मरीजों और तीमारदारों की फ्री वाहन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
इसके अलावा पहली बार आयोजित वीसी कॉन्क्लेव-2012 ने केजीएमयू को देश-विदेश में पहचान दी है। इसमें देश भर के चिकित्सा संस्थानों के कुलपति और एमसीआई के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की थी।
कुलसचिव योगेश शुक्ल ने कहा कि प्रो.गुप्ता के कार्यकाल में सरकार से नये कार्यों के लिए बजट मिलता रहा है। शिक्षक, चिकित्सक समेत स्टाफ के 250 नये पद सृजित हुए हैं।
इसके अलावा शताब्दी अस्पताल शुरू करना हो या आर्गन ट्रांसप्लांट की सुविधा। सभी कुछ इसी कार्यकाल की उपलब्धियां हैं। इस मौके पर कुलसचिव ने कुलपति को एक स्मृति चिह्न भी दिया।