केशव कुमार मौर्य बनें यूपी भाजपा के अध्यक्ष, देखें पूरा राजनीतिक जीवन
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यूपी में अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव में कमल खिलाने की जिम्मेदारी भाजपा ने एक चायवाले को दे दी है। भाजपा नेतृत्व ने सभी अटकलों को दरकिनार कर सियासी तौर पर सबसे महत्वपूर्ण यूपी की जिम्मेदारी फूलपुर के युवा सांसद केशव प्रसाद मौर्य को देकर सबको चौंका दिया। वे अभी तक प्रदेश अध्यक्ष रहे लक्ष्मीकांत वाजपेयी की जगह लेंगे।
अति पिछड़ा वर्ग के 47 वर्षीय मौर्य को रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा, पर्यटन राज्य मंत्री महेश शर्मा, पार्टी उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा सहित करीब आधा दर्जन दिग्गजों पर तरजीह दी गई। कौशांबी के छोटे से कस्बे सिराथू में पिता के साथ कभी चाय बेचने वाले केशव करीब डेढ़ दशक तक विहिप से जुड़े रहे।
गो रक्षा सहित कई आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले मौर्य को हिंदूवादी नेता के तौर पर भी देखा जाता है। भाजपा प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने बताया कि मौर्य 11 अप्रैल को दिल्ली से राजधानी आकर औपचारिक रूप से प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार संभालेंगे।
मौर्य पर हत्या, लूट समेत 11 केस
राजनीतिक कॅरिअर-
2002 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़े। तीसरे प्रयास में 2012 में ही कौशांबी (सिराथू) से पहली बार विधायक चुने गए। 2014 में पूर्व पीएम जवाहर लाल नेहरू की संसदीय सीट फूलपुर में पहली बार कमल खिलवा दिया और रिकॉर्ड 3.40 लाख मतों से जीतकर पहली बार सांसद बने।
इसलिए भाजपा ने दी बड़ी जिम्मेदारी
- केशव प्रसाद मौर्य अति पिछड़ी जाति के हैं। कुछ अन्य पिछड़ी जातियों की तरह मौर्य को लेकर अगड़ों में रिएक्शन नहीं। उन्हें साधने में होगी आसानी।
- सपा, बसपा के पिछड़े, अति पिछड़े वोट बैंक पर नजर। सूबे में इस वोट बैंक की भागीदारी 55 फीसदी से ज्यादा।
- हिंदूवादी छवि के चलते वोटों के ध्रुवीकरण में होगी आसानी।
- जुझारू छवि है। जनता के साथ हमेशा खड़े रहते हैं। लोक सेवा आयोग चेयरमैन के खिलाफ आंदोलन में छात्रों के साथ खड़े रहे।