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सड़कों को गड्ढामुक्ति अभियान में लापरवाही पर एक्सईएन सस्पेंड, 88 की होगी जांच
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 24 Sep 2017 02:23 AM IST
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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
- फोटो : amar ujala
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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पीडब्ल्यूडी के लापरवाह अफसरों के खिलाफ अनुशासन का चाबुक चलाना शुरू कर दिया है। सड़कों को गड्ढामुक्त करने के काम में लापरवाही और वित्तीय अनियमितताएं पाए जाने पर उन्नाव के अधिशासी अभियंता को सस्पेंड कर दिया है। केशव ने कहा कि अफसर अपनी आदत सुधार लें वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
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मौर्य ने शनिवार को पीडब्ल्यूडी के कामकाज की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पाया कि प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग उन्नाव में तैनात अधिशासी अभियंता अखिलेंद्र प्रताप सिंह ने गड्ढामुक्ति व नवीनीकरण योजना के तहत दोहरी मंजूरी लेकर राजकीय धन का दुरुपयोग किया। इस पर उन्हें तत्काल निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश दिए। मौर्य ने गड्ढे पाटने में लापरवाही मिलने पर प्रदेश के 18 अधिशासी अभियंताओं, 28 सहायक अभियंताओं तथा 42 अभियंताओं को कड़ी चेतावनी देते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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गुणवत्ता नियंत्रण के लिए न्यूक्लियर गेज खरीदकर उसका इस्तेमाल करने में अधीक्षण अभियंताओं ने हद दर्जे की लापरवाही की। कहीं भी न्यूक्लियर गेज नहीं खरीदे गए। उप मुख्यमंत्री ने इस पर नाराजगी जताते हुए अधीक्षण अभियंता लखनऊ वृत्त को तत्काल प्रभाव से प्रमुख अभियंता कार्यालय, लखनऊ से संबद्ध करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने सभी अधीक्षण अभियंताओं को चेतावनी दी कि वे महीने भर के भीतर जरूरी औपचारिकताएं पूरी करके न्यूक्लियर गेज खरीदें। मौर्य ने कहा कि पीडब्ल्यूडी को भ्रष्टाचारमुक्त बनाने के लिए ई-टेंडरिंग की शुरुआत की गई है। विभागीय अधिकारी खराब छवि के ठेकेदारों को विभाग से दूर करें और कामों में पारदर्शिता लाएं।