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Lucknow News: केसरीखेड़ा पुल चालू, आधी रात में दौड़े वाहन
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केसरीखेड़ा आरओबी।
लखनऊ। केसरीखेड़ा पुल (रेलवे ओवरब्रिज) पर वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है। लोगों को इस पुल पर आवागमन की इतनी जल्दी थी कि बृहस्पतिवार आधी रात दोनों तरफ के अवरोधक हटाकर दो पहिया वाहन चालकों ने खूब गाड़ियां दौड़ाईं। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे सभी तरह के वाहन पुल पर चलने लगे।
हालांकि, 11 बजे आवागमन फिर रोक दिया गया और लाइटें लगाने का काम चलता रहा। शनिवार से पुल पर आवागमन पूरी तरह शुरू होने की उम्मीद है। इस पुल के चालू होने से इलाके की करीब पांच लाख की आबादी को बड़ी सहूलियत मिली है। करीब तीन वर्ष के बाद शुक्रवार को पुल का निर्माण पूरा हुआ है।
अब जाम में नहीं फंसेंगे मरीज और स्कूली बच्चे
केसरीखेड़ा के कारोबारी दीपू ने बताया कि जब से पुल का निर्माण शुरू हुआ था, तब से मरीज समय से अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे थे। कई बार मरीज दो-दो घंटे तक रेलवे क्रॉसिंग के जाम में फंसे जिसमें से कुछ की मौत तक हो गई थी। पुल के चालू होने से अब मरीजों को समय से एंबुलेंस की सुविधा मिल सकेगी। स्कूली बच्चों को भी जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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तीन किमी दायरे वालों को सहूलियत
केसरीखेड़ा के जितेंद्र वर्मा ने बताया कि इस पुल के चालू होने से बालकृष्णनगर, महाराजपुरम, गंगाखेड़ा, शुभम सिटी, गोकुल एस्टेट, पंडितखेड़ा, प्रसादीखेड़ा, चुन्नूखेड़ा, हंसखेड़ा, पारा, कृष्णानगर, मानसनगर, विजयनगर, इंद्रलोक हाइडल कॉलोनी, ट्रांसपोर्टनगर सहित आसपास के तीन किमी दायरे में रहने वाले लोगों को सहूलियत मिलेगी।
इनकी जमीन पर बना है पुल
केसरीखेड़ा पुल के निर्माण में कमलेश यादव, राकेश यादव, संत विलास यादव, राकेश, रामकुमार, राम किशोर, दिनेश सिंह, राजाराम, रामस्वरूप, रामजीवन यादव, प्रेमलाल यादव, उमामल्ह, मंजू लता, कमला मौर्या, रत्नेश उर्फ रत्ना सिंह, पंकज दुबे, रेखा दुबे, शोभा, विनय कुमारी, राम लखन, स्नेहलता द्विवेदी, राम मिलन, बृजलाल यादव, सरिता मिश्रा, अवधेश कुमार, राम किशोर, निर्भय, नित्यराम, भैरवती शर्मा, प्रतिभा और राजू की जमीन ली गई।
रंग लाई अमर उजाला की मुहिम
पुल निर्माण के दौरान बीच में एक निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स के आने के कारण कार्य रोक दिया गया था। अधूरे पुल के कारण लोग परेशान हो रहे थे। इस मुद्दे को अमर उजाला ने जून 2025 में उठाया था। सिलसिलेवार प्रमुखता से खबरें छपीं तो सेतु निगम, लोक निर्माण, एलडीए और जिला प्रशासन के अफसरों ने बाधा को दूर कर जुलाई 2025 में दोबारा काम शुरू कराया।
सेतु निगम का पांचवां पुल है केसरीखेड़ा
जिले में सेतु निगम के खाते में यह पांचवां पुल है। इससे पहले हरौनी, मरी माता अर्जुनगंज, जबरैला और रैथा पुल का निर्माण पूरा हो चुका। हालांकि, रैथा में लोक निर्माण अब तक पुल के लिए सड़क नहीं बना सका है।
एक नजर में परियोजना
पुल की लंबाई 974 मीटर, लागत 84 करोड़
17 जुलाई 2023 में निर्माण की शुरुआत
जून 2024 से जून 2025 तक काम ठप
31 जुलाई 2026 को पुल का काम पूरा
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हालांकि, 11 बजे आवागमन फिर रोक दिया गया और लाइटें लगाने का काम चलता रहा। शनिवार से पुल पर आवागमन पूरी तरह शुरू होने की उम्मीद है। इस पुल के चालू होने से इलाके की करीब पांच लाख की आबादी को बड़ी सहूलियत मिली है। करीब तीन वर्ष के बाद शुक्रवार को पुल का निर्माण पूरा हुआ है।
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अब जाम में नहीं फंसेंगे मरीज और स्कूली बच्चे
केसरीखेड़ा के कारोबारी दीपू ने बताया कि जब से पुल का निर्माण शुरू हुआ था, तब से मरीज समय से अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे थे। कई बार मरीज दो-दो घंटे तक रेलवे क्रॉसिंग के जाम में फंसे जिसमें से कुछ की मौत तक हो गई थी। पुल के चालू होने से अब मरीजों को समय से एंबुलेंस की सुविधा मिल सकेगी। स्कूली बच्चों को भी जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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तीन किमी दायरे वालों को सहूलियत
केसरीखेड़ा के जितेंद्र वर्मा ने बताया कि इस पुल के चालू होने से बालकृष्णनगर, महाराजपुरम, गंगाखेड़ा, शुभम सिटी, गोकुल एस्टेट, पंडितखेड़ा, प्रसादीखेड़ा, चुन्नूखेड़ा, हंसखेड़ा, पारा, कृष्णानगर, मानसनगर, विजयनगर, इंद्रलोक हाइडल कॉलोनी, ट्रांसपोर्टनगर सहित आसपास के तीन किमी दायरे में रहने वाले लोगों को सहूलियत मिलेगी।
इनकी जमीन पर बना है पुल
केसरीखेड़ा पुल के निर्माण में कमलेश यादव, राकेश यादव, संत विलास यादव, राकेश, रामकुमार, राम किशोर, दिनेश सिंह, राजाराम, रामस्वरूप, रामजीवन यादव, प्रेमलाल यादव, उमामल्ह, मंजू लता, कमला मौर्या, रत्नेश उर्फ रत्ना सिंह, पंकज दुबे, रेखा दुबे, शोभा, विनय कुमारी, राम लखन, स्नेहलता द्विवेदी, राम मिलन, बृजलाल यादव, सरिता मिश्रा, अवधेश कुमार, राम किशोर, निर्भय, नित्यराम, भैरवती शर्मा, प्रतिभा और राजू की जमीन ली गई।
रंग लाई अमर उजाला की मुहिम
पुल निर्माण के दौरान बीच में एक निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स के आने के कारण कार्य रोक दिया गया था। अधूरे पुल के कारण लोग परेशान हो रहे थे। इस मुद्दे को अमर उजाला ने जून 2025 में उठाया था। सिलसिलेवार प्रमुखता से खबरें छपीं तो सेतु निगम, लोक निर्माण, एलडीए और जिला प्रशासन के अफसरों ने बाधा को दूर कर जुलाई 2025 में दोबारा काम शुरू कराया।
सेतु निगम का पांचवां पुल है केसरीखेड़ा
जिले में सेतु निगम के खाते में यह पांचवां पुल है। इससे पहले हरौनी, मरी माता अर्जुनगंज, जबरैला और रैथा पुल का निर्माण पूरा हो चुका। हालांकि, रैथा में लोक निर्माण अब तक पुल के लिए सड़क नहीं बना सका है।
एक नजर में परियोजना
पुल की लंबाई 974 मीटर, लागत 84 करोड़
17 जुलाई 2023 में निर्माण की शुरुआत
जून 2024 से जून 2025 तक काम ठप
31 जुलाई 2026 को पुल का काम पूरा