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कविता से बताई हिंदी की महत्ता

Tue, 17 Sep 2013 09:29 AM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
टीम डिजिटल/लखनऊ Updated Tue, 17 Sep 2013 09:29 AM IST
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kavi sammelan at nan niketan

चेतना साहित्य परिषद की ओर से सोमवार को नंद निकेतन, नाका हिंडोला में

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काव्य संध्या का आयोजन किया गया।

जिसमें रामशंकर वर्मा ने ‘हमारी प्रगति के नवगीत का उनवान है हिन्दी, अशिक्षा मूढ़ता के श्राप का निर्वाण है हिन्दी’ सुनाई।

राकेश पाण्डेय अखिलेश ने ‘विशाल विश्व मध्य ये सुमेरू सी खड़ी हुई, भारती के थाल वाली आरती ये हिन्दी है’, धीरज मिश्र ने ‘गद्य लिखूं या काव्य मैं, हो हिन्दी की नींव, अंतिम सांसों तक करूं, निज भाषा उत्थान’ और संदीप कुमार ने ‘गैरों से सम्मान की उम्मीद यह कैसे करे, अपनों का भी जब सम्मान नहीं पाती है’ सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरीं।

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