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Lucknow News: राज्य कर मुख्यालय में मारपीट के पीछे ‘कारखास’ फैक्टर
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लखनऊ। राज्य कर मुख्यालय के अंदर डिप्टी कमिश्नर प्रमोद कुमार पर हमला करने के साथ विभाग में प्राइवेट कर्मचारी यानी ‘कारखास’ का मामला एक बार फिर गरमा गया है। बताया जा रहा है कि डिप्टी कमिश्नर जब विशेष जांच शाखा (एसआईबी) में तैनात थे, हमला करने वाला तब उनका प्राइवेट कर्मचारी था।
कारखास के विरुद्ध शासन ने पहले ही अभियान चला रखा है। इसके तहत मुरादाबाद और बरेली में हाल ही में कार्रवाई की जा चुकी है। उधर, राज्य कर मुख्यालय में घुसकर तीसरी मंजिल पर बैठे अधिकारी पर कलछुल से हमला कर घायल करने की घटना को शासन ने गंभीरता से लिया है। हमलावर इंद्रजीत के मारपीट के लिए बुआ को साथ ले जाने के कारणों की भी जांच की जा रही है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक डिप्टी कमिश्नर की कानपुर तैनाती के दौरान इंद्रजीत उनका प्राइवेट कर्मचारी था। इस वर्ष जून तक वह कार्यालय में कार्यरत था। यह हाल तब है जब प्रमुख सचिव राज्य कर और राज्यकर आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि राज्य कर कार्यालय में प्राइवेट कर्मचारी नहीं रखे जाएंगे। जो अधिकारी इसमें लिप्त पाए जाएंगे, उन पर सख्त कार्रवाई होगी। घटना से यह मुद्दा भी मुखर हो गया है कि जब मुख्यालय में कोई सुरक्षित नहीं है तो अन्य कार्यालयों की क्या स्थिति होगी?
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कारखास के विरुद्ध शासन ने पहले ही अभियान चला रखा है। इसके तहत मुरादाबाद और बरेली में हाल ही में कार्रवाई की जा चुकी है। उधर, राज्य कर मुख्यालय में घुसकर तीसरी मंजिल पर बैठे अधिकारी पर कलछुल से हमला कर घायल करने की घटना को शासन ने गंभीरता से लिया है। हमलावर इंद्रजीत के मारपीट के लिए बुआ को साथ ले जाने के कारणों की भी जांच की जा रही है।
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विभागीय सूत्रों के मुताबिक डिप्टी कमिश्नर की कानपुर तैनाती के दौरान इंद्रजीत उनका प्राइवेट कर्मचारी था। इस वर्ष जून तक वह कार्यालय में कार्यरत था। यह हाल तब है जब प्रमुख सचिव राज्य कर और राज्यकर आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि राज्य कर कार्यालय में प्राइवेट कर्मचारी नहीं रखे जाएंगे। जो अधिकारी इसमें लिप्त पाए जाएंगे, उन पर सख्त कार्रवाई होगी। घटना से यह मुद्दा भी मुखर हो गया है कि जब मुख्यालय में कोई सुरक्षित नहीं है तो अन्य कार्यालयों की क्या स्थिति होगी?
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