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लखनऊः एक जनवरी से शुरू होगा कमता बस अड्डा, चलेंगी 500 बसें, इन यात्रियों को मिलेगी राहत
Fri, 29 Nov 2019 02:22 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 29 Nov 2019 02:22 PM IST
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कमता में एलडीए के बजट होटल स्थित बस अड्डा
- फोटो : अमर उजाला
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नए साल पर लखनऊ की जनता को कमता बस अड्डे का तोहफा मिलेगा। एक जनवरी 2020 से यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम की 500 बसें एलडीए के बजट होटल स्थित कमता अड्डे से चलेंगी। इनमें एसी बसें भी शामिल होंगी। इसके बाद ट्रांसगोमती के लोगों को पूर्वांचल जाने के लिए न तो कैसरबाग और न ही आलमबाग बस अड्डे जाने की जरूरत पड़ेगी।
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परिवहन निगम के निदेशक मंडल ने बृहस्पतिवार को कमता बस अड्डे को 90 साल की लीज पर लेने की मंजूरी दे दी। प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर के मुताबिक अध्यक्ष संजीव शरण की अध्यक्षता में हुई बैठक में बजट होटल के कमता अड्डे को निगम ने लीज पर लेने का प्रस्ताव पेश किया, जिसे मंजूरी मिल गई।
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निदेशक मंडल की बैठक के बाद प्रबंध निदेशक ने मुख्य प्रधान प्रबंधक (संचालन) राजेश वर्मा से कमता अड्डे से चलने वाली प्रस्तावित बसों पर रिपोर्ट मांगी है। साथ ही बस संचालन को प्रबंधन का इंतजाम करने का भी निर्देश दिया है।
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सीतापुर रोड होकर दिल्ली जाएंगी बसें
कमता अड्डे से बसों का संचालन शुरू होगा तो गोरखपुर, देवरिया, महाराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर, डुमरियागंज आदि से दिल्ली जाने वाली अधिकतर बसें अब आलमबाग के बजाय सीधे वाया सीतापुर रोड होकर जाएंगी। दिल्ली से गोरखपुर जाने वाली बसें भी इस रूट से चलेंगी।
आलमबाग एवं कैसरबाग अड्डे से 500 बसें कमता अड्डे शिफ्ट हाेंगी। इससे दोनों अड्डों को राहत मिलेगी। आलमबाग व कैसरबाग अड्डे में जो बसें बाहर खड़ी रहती हैं, अब वे भी प्लेटफॉर्म पर पहुंच जाएंगी। इससे आम जनता का आना-जाना आसान होगा।
सड़क जाम से मिलेगी मुक्ति
कैसरबाग एवं आलमबाग अड्डे से गोरखपुर, देवरिया, महाराजगंज, आजमगढ़, मऊ, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संत कबीर नगर, गोण्डा, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, अयोध्या एवं अंबेडकरनगर को 500 बसें चलती हैं। ये कैसरबाग एवं आलमबाग आने-जाने के दौरान पॉलीटेक्निक चौराहा, 1090 चौराहा, चारबाग, मवैया, केडी स्टेडियम के पीछे व कलेक्ट्रेट के सामने सुबह 10 से रात 9 बजे तक जाम में फंसती हैं। जब पूर्वांचल से ये बसें कैसरबाग एवं आलमबाग नहीं आएंगी तो सड़क का ट्रैफिक लोड कम होगा
आलमबाग एवं कैसरबाग अड्डे से 500 बसें कमता अड्डे शिफ्ट हाेंगी। इससे दोनों अड्डों को राहत मिलेगी। आलमबाग व कैसरबाग अड्डे में जो बसें बाहर खड़ी रहती हैं, अब वे भी प्लेटफॉर्म पर पहुंच जाएंगी। इससे आम जनता का आना-जाना आसान होगा।
सड़क जाम से मिलेगी मुक्ति
कैसरबाग एवं आलमबाग अड्डे से गोरखपुर, देवरिया, महाराजगंज, आजमगढ़, मऊ, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संत कबीर नगर, गोण्डा, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, अयोध्या एवं अंबेडकरनगर को 500 बसें चलती हैं। ये कैसरबाग एवं आलमबाग आने-जाने के दौरान पॉलीटेक्निक चौराहा, 1090 चौराहा, चारबाग, मवैया, केडी स्टेडियम के पीछे व कलेक्ट्रेट के सामने सुबह 10 से रात 9 बजे तक जाम में फंसती हैं। जब पूर्वांचल से ये बसें कैसरबाग एवं आलमबाग नहीं आएंगी तो सड़क का ट्रैफिक लोड कम होगा
सालाना एक करोड़ बचेंगे
बस अड्डे के लिए ऐसे हुई कवायद
लीज पर देने का प्रस्ताव भेजा 10 अगस्त
एलडीए बोर्ड ने दी मंजूरी 06 नवंबर
परिवहन निगम की मंजूरी 28 नवंबर
लंबे समय से कमता में बस अड्डा शुरू किए जाने की कवायद पूरी होते ही बड़ी राहत मिलेगी। परिवहन निगम की 250 बसें कैसरबाग की जगह कमता अड्डे से शुरू होने पर अनुमानित सालाना एक करोड़ रुपये बचेंगे। जब बसें कैसरबाग नहीं आएंगी तो 12 किमी. की दूरी कम होगी।
इससे एक बस का लगभग ढाई लीटर डीजल रोजाना बचेगा। रोजाना 625 लीटर की डीजल बचने से सालाना एक करोड़ रुपये की बचत होगी। इससे परिवहन निगम को बड़ी राहत मिल जाएगी। वहीं अभी तक प्रयागराज सहित पूर्वांचल के जिलों के लिए कैसरबाग व आलमबाग की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
लीज पर देने का प्रस्ताव भेजा 10 अगस्त
एलडीए बोर्ड ने दी मंजूरी 06 नवंबर
परिवहन निगम की मंजूरी 28 नवंबर
लंबे समय से कमता में बस अड्डा शुरू किए जाने की कवायद पूरी होते ही बड़ी राहत मिलेगी। परिवहन निगम की 250 बसें कैसरबाग की जगह कमता अड्डे से शुरू होने पर अनुमानित सालाना एक करोड़ रुपये बचेंगे। जब बसें कैसरबाग नहीं आएंगी तो 12 किमी. की दूरी कम होगी।
इससे एक बस का लगभग ढाई लीटर डीजल रोजाना बचेगा। रोजाना 625 लीटर की डीजल बचने से सालाना एक करोड़ रुपये की बचत होगी। इससे परिवहन निगम को बड़ी राहत मिल जाएगी। वहीं अभी तक प्रयागराज सहित पूर्वांचल के जिलों के लिए कैसरबाग व आलमबाग की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।