फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Kamdhenu Deepawali will be consumed with one lakh dung lamps on the banks of Gomti

गोमती किनारे एक लाख गोबर के दीयों से मनेगी कामधेनु दीपावली

Fri, 06 Nov 2020 08:10 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 06 Nov 2020 08:10 PM IST
विज्ञापन
Kamdhenu Deepawali will be consumed with one lakh dung lamps on the banks of Gomti
उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम नंदन सिंह ने कहा कि इस बार गोबर से बने लक्ष्मी-गणेश व हनुमान जी की मूर्तियों के साथ गोबर से बने दीये घर-घर दीपावली की शोभा बढ़ाएंगे। राजधानी लखनऊ में गोसेवा आयोग व नगर निगम लखनऊ मिलकर हनुमान सेतु के निकट गोमती नदी के किनारे एक लाख गोबर के दीयों से 13 नवंबर को कामधेनु दीपावली मनाएंगे। इससे छोटी दिवाली पर राजधानी में अभिनव छटा बिखरेगी।
विज्ञापन


श्याम नंदन सिंह शुक्रवार को मीडियाकर्मियों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा गाय का उपयोग व सम्मान अब केवल दूध देने तक ही सीमित नहीं रहेगा। दूध न देने वाली गाय भी अब घर-घर सम्मान के साथ रखी जाएगी। गोमय (गोबर) व पंचगव्य से बने उत्पाद लोगों के स्वास्थ को सुधारेंगे। उन्होंने बताया कि अब तक 35 हजार परिवारों को 65 हजार बेसहारा निराश्रित गोवंशों को गोपालकों व किसानोंके सुपुर्द किया जा चुका है।  वे गोबर की खाद बनाकर अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं। गोमय से बायोगैस, लट्ठे, गमले, धूपबत्ती, अगरबत्ती, हवन सामग्री, राखी व हस्त शिल्प से सजावटी वस्तुएं बनाई जा रही है। इन्हें एमएसएमई से जोड़कर रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे। सजावटी वस्तुओं को निर्यात का अवसर मिलेगा। गोमूत्र का शोधन करके गो अर्क व कई औषधियां बनाई जा रही है। गोमूत्र से फिनायल भी बन रहा है, जिसे गोनाइल कहा जाता है।
विज्ञापन


श्यामनंदन सिंह ने बताया कि गोमती के तट पर झूलेलाल वाटिका में गाय के गोबर के एक लाख दीये जलाकर दिवाली मनाई जाएगी। इसी तरह अयोध्या, मथुरा, काशी व चित्रकूट सांस्कृतिक क्षेत्र भी गोमय से बने दीयों से जगमगाएंगे। इन सभी कार्यों में स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से एक लाख महिलाओं को रोजगार मिला है। उन्हें प्रतिदिन 300 से  500 रुपये की आय हो रही है। जैविक खाद से कृषक अच्छी फसल पैदा करके अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं। आयोग ने गोशालाओं में लगे ट्यूबवैल कनेक्शन को कृषि दर पर कराया है। कोशिश है कि गोशालाओं में प्रयोग होने वाले यंत्रों पर सब्सिडी मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन


लखनऊ के करेन्द गांव का होगा समग्र विकास
श्याम नंदन सिंह ने बताया कि गोसेवा आयोग ने लखनऊ के मलिहाबाद ब्लॉक के करेन्द गांव को समग्र विकास के लिए चुना है। इसमें सभी विभागों के सहयोग से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। आयोग ने राष्ट्रीय कामधेनु आयोग औप प्रदेश सरकार को पत्र लिखा है कि गोवंश से सम्बन्धित उत्पादों के निर्माण में उपयोगी मशीनरी व आवश्यक सामग्री को किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं से जोड़ा जाए। आयोग की कोशिश है कि गोपलाकों व किसानों के लिए गोवंश न केवल प्राकृतिक जैविक खेती के लिए गोबर की खाद व कंपोस्ट का जरिया बने बल्कि गोवंश से मिलने वाले गोबर और गोमूत्र के सात पंचगव्य उत्पादों से अतिरिक्त आय का आधार भी बने। आयोग ने स्वतंत्र रूप से एक नवाचारी परिषद का गठन किया है। जिसमें उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के साथ ही देवलापार नागपुर स्थित गो विज्ञान संस्थान के प्रतिनिधियों, पशुपालन, कृषि व औषधि विज्ञान के वैज्ञानिकों को  शामिल किआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed