80 प्रतिशत मुतवल्ली शराबी व हिस्ट्रीशीटर: कल्बे जव्वाद
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80 प्रतिशत मुतवल्लियों के कारण ही वक्फ का निजाम बिगड़ा हुआ है। उनकी गैर-जिम्मेदाराना हरकतों की वजह से वक्फ संपत्तियों पर कब्जे हो रहे हैं और उन्हें बेचा जा रहा है। इसमें मंत्रियों की भी मिलीभगत है। इसलिए जरूरी है कि सीबीआई जांच हो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
यदि ऐसा नहीं किया गया तो कैंडिल मार्च निकालकर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा और मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। वरिष्ठ शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने यह बात कही है। वह शनिवार को जयशंकर सभागार में इमाम वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से आयोजित सभा में बोल रहे थे।
मौलाना ने कहा, 80 प्रतिशत मुतवल्ली शराबी व हिस्ट्रीशीटर हैं, जिनकी वजह से वक्फ का संचालन बिगड़ा हुआ है। इसलिए वक्फ का निजाम पर्सनल लॉ बोर्ड को सौंप देना चाहिए। इलाहाबाद में शिया वक्फ बोर्ड की संपत्ति को बर्बाद करने की कवायद चल रही है। 10 हजार वर्गफुट में बने इमामबाड़े को तोड़कर कॉम्पलेक्स बनाया जा रहा है।
मुतवल्ली व वक्फ बोर्ड के चेयरमैन के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया गया लेकिन मंत्रियों के दबाव में प्रकरण शांत हो गया।
केरल में बर्बाद की गई 30 हजार करोड़ की सम्पत्ति
बताया कि केरल में 30 हजार करोड़ की वक्फ संपत्ति बर्बाद कर दी गई। यही हाल पंजाब व मुंबई में है। जहां उद्योगपतियों को कौड़ियों के भाव जमीनें बेची जा रही हैं। अगर प्रदेश सरकार ने वक्फ को लेकर कड़े कानून नहीं बनाए तो हर जिले में विरोध-प्रदर्शन होंगे।
जव्वाद ने वक्फ संपत्तियों को बेचने के मामलों की सीबीआई जांच की मांग की ताकि दोषियों पर कार्रवाई हो सके। ऐसा नहीं हुआ तो इसी महीने बेगम हजरत महल पार्क से गांधी प्रतिमा तक कैंडिल मार्च निकाला जाएगा।
इमामों को मासिक वेतन देने की मांग
मौलाना जव्वाद ने मस्जिदों के इमामों को वक्फ बोर्ड के जरिये मासिक वेतन देने की भी वकालत की। कहा, प्रदेश सरकार 1993 में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अमल करे। साथ ही वक्फ केनिजाम उलेमाओं को सौंपे जाएं।
एसोसिएशन के पदाधिकारी इमरान ने इस बात पर रोष जताया कि शियों की समस्याओं को सुनने के लिए मुख्यमंत्री के पास वक्त नहीं है। सरकार को चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।