{"_id":"61079acd7f6f7c1b0c11bbc4","slug":"kalbe-javvad-press-conference-of-circular-issued-by-police-for-muharram","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोहर्रम: गाइडलाइन की भाषा पर भड़के मौलाना कल्बे जव्वाद , कहा- पुलिस बैठकों में न शामिल हों मोहर्रम कमेटियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोहर्रम: गाइडलाइन की भाषा पर भड़के मौलाना कल्बे जव्वाद , कहा- पुलिस बैठकों में न शामिल हों मोहर्रम कमेटियां
Mon, 02 Aug 2021 12:48 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 02 Aug 2021 12:48 PM IST
सार
कल्बे जव्वाद ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते सभी मोहर्रम कमेटियों से पुलिस की किसी भी मीटिंग में न शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सर्कुलर का बयान प्रदेश के पुलिस मुखिया का नहीं बल्कि अबु बक्र बगदादी का प्रतीत होता है। डीजीपी को अपना बयान वापस लेना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।
विज्ञापन
मौलाना कल्बे जव्वाद
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शिया धर्म गुरू मौलाना कल्बे जव्वाद ने मोहर्रम को लेकर डीजीपी मुख्यालय की ओर से जारी गाइडलाइन की भाषा पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है। उन्होंने सोमवार को प्रेस वार्ता में कहा कि सर्कुलर में गलत भाषा का इस्तेमाल किया गया है। इसमें गोवंश और यौन संबंधी घटनाओं का जिक्र किया गया है जो कि मोहर्रम का अपमान है।
विज्ञापन
जारी किए गए दिशा-निर्देश में शिया समुदाय की ओर से तबर्रा पढ़ने की बात कही गई। इसमें कहा गया कि कुछ असामाजिक तत्व जानवरों की पीठ और पतंगों पर ऐसी बातें लिखकर उड़ाते हैं जिन पर सुन्नी समुदाय को ऐतराज होता है। इससे अमन बिगड़ने की आशंका जताई गई।
विज्ञापन
उन्होंने इस पर कड़ी नाराजगी जताते सभी मोहर्रम कमेटियों से पुलिस की किसी भी मीटिंग में न शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सर्कुलर का बयान प्रदेश के पुलिस मुखिया का नहीं बल्कि अबु बक्र बगदादी का प्रतीत होता है। डीजीपी को अपना बयान वापस लेना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सर्कुलर हर साल जारी होता है पर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।
विज्ञापन
शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने भी इस पर सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि गाइडलाइन में बीते 40 साल पुरानी बातों को खोद कर शिया समुदाय पर गलत इल्जाम लगाए गए हैं। इससे शिया समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने डीजीपी से इस पत्र को वापस लेने और इसे तैयार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है।
वहीं, प्रदेश के डीजीपी मुकुल गोयल ने रविवार शाम को ही इस पर सफाई दे दी थी। उन्होंने कहा कि मोहर्रम को लेकर सर्कुलर पिछली बार की तरह इस बार भी जारी किया गया है। जो पत्र वायरल हो रहा है, उसके बारे में एडीजी कानून व्यवस्था को सच्चाई पता करने के लिए कहा गया है।