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Lucknow News: काकोरी में सजेगा जैन आस्था का महाकुंभ

Wed, 24 Jun 2026 02:03 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jun 2026 02:03 AM IST
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Kakori to host a grand gathering of Jain faith
प्रथम प्रवचन सभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज ने संयमित वाणी के महत्व
लखनऊ। राजधानी के काकोरी क्षेत्र में इन दिनों जैन आस्था, तप और साधना का विराट संगम आकार लेने जा रहा है। अमेठिया, सलेमपुर स्थित भगवान श्री पार्श्वनाथ धाम में मंगलवार को आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज के मंगल प्रवेश के साथ छह दिवसीय श्री 1008 भगवान आदिनाथ जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ हो गया।
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24 से 29 जून तक चलने वाले इस ऐतिहासिक आयोजन की विशेषता यह है कि पहली बार राजधानीवासियों को एक साथ करीब 50 पिच्छिधारी मुनिराजों और आर्यिका माताओं का सान्निध्य प्राप्त होगा।
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प्रथम प्रवचन सभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज ने संयमित वाणी के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यदि नेता अपनी भाषा पर नियंत्रण रखें तो विश्व में युद्ध जैसी परिस्थितियां उत्पन्न ही न हों। उन्होंने अलीगंज अग्निकांड पर भी शोक व्यक्त किया।
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आयोजन में गोमती नगर के आलोक जैन, इंदिरा नगर के अभिषेक जैन, डालीगंज की अंजू जैन, रितेश जैन, मनीषा जैन और चौक के अशोक जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
समिति के वरिष्ठ सदस्य विशाल जैन और मुख्य संयोजक बृजेश जैन ‘बंटी’ ने बताया कि महोत्सव के दौरान विश्व शांति महायज्ञ, भव्य महामस्तकाभिषेक और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा। 24 जून को सुबह सात बजे भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। महोत्सव में पट्टाचार्य विराग सागर जी, आचार्य सुबल सागर जी, उपाध्याय विहसंत सागर जी, मुनि विशल्य सागर जी तथा आर्यिका विवक्तश्री माताजी सहित अनेक संत-साधुओं की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।


जानिए क्या हैं पिच्छिधारी जैन मुनि

मुख्य संयोजक बृजेश जैन ‘बंटी’ ने बताया कि पिच्छिधारी जैन मुनि वे दिगंबर जैन संत होते हैं जो अपने साथ हमेशा मोर के पंखों से बनी एक विशेष झाड़ू, जिसे ''पिच्छी'' (या मयूर पिच्छिका) कहा जाता है, रखते हैं। मुनि कहीं भी बैठने, लेटने या चलते समय इस पिच्छी से उस स्थान को बहुत कोमलता से साफ करते हैं। इसका उद्देश्य किसी भी छोटे से छोटे जीव (जैसे चींटी) को अनजाने में नुकसान से बचाना है, जो जैन धर्म के मुख्य सिद्धांत अहिंसा को दर्शाता है।
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