टीजीटी-पीजीटी की 2000 भर्तियों का रास्ता साफ
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वर्ष 2013 से रुकी प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों (टीजीटी) और स्नातकोत्तर शिक्षकों (पीजीटी) के करीब 2000 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है।
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सोमवार को यूपी माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड को नियमों का सख्ती से पालन कराते हुए परीक्षा करवाने का निर्देश दिया।
इन पदों पर भर्ती का विज्ञापन 2011 में निकला था। इन विज्ञापित पदों के सत्यापन के सिलसिले में इस परीक्षा पर कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी थी।
न्यायमूर्ति शबीहुल हसनैन और न्यायमूर्ति देवेन्द्र कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने दीप्ति मिश्रा व एक अन्य की लंबित याचिका पर यह आदेश दिया।
इसलिए कोर्ट ने लगाई थी रोक
याचिका में कहा गया था कि यह परीक्षा 19 जून 2006 के शासनादेश के मुताबिक नहीं करवाई जा रही थी। शासनादेश में प्रावधान था कि परीक्षा के पहले विज्ञापित पदों का सत्यापन किया जाय।
ऐसे में बिना सत्यापन के परीक्षा करवाने से चयनित अभ्यर्थियों की जॉयनिंग में दिक्कत होगी। तब कोर्ट ने इस परीक्षा पर रोक लगा दी थी।
याचियों के अधिवक्ता अनु प्रताप सिंह ने बताया कि याचिका के लंबित रहने के दौरान उक्त पदों संबंधी सत्यापन पूरा करवा लिया गया है।
तब कोर्ट ने याचिका खारिज कर संबंधित नियमों व कानून का कड़ाई से पालन करते हुए परीक्षा करवाए जाने के निर्देश दिए हैं।