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यूपी: बीत गया साल, नहीं मिलीं जॉब!
महेंद्र तिवारी/लखनऊ
Updated Wed, 18 Dec 2013 10:55 PM IST
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युवाओं के लिए पूरा साल नौकरियों की बाट जोहते बीत
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गया। ग्राम विकास और पंचायतीराज विभाग विज्ञापन निकालकर भी अब तक नौकरियां
नहीं दे पाए।
तमाम दावों के बावजूद राजस्व विभाग लेखपाल की भर्ती का विज्ञापन तक जारी नहीं कर पाया।
आवेदक यह नहीं समझ पा रहे हैं कि यह भर्ती प्रक्रिया नौकरी देने के लिए शुरू की गई है या लटकाने के लिए।
यह भर्तियां कब तक पूरी हो सकेगी, इसको लेकर कोई स्पष्ट समयसीमा तय नहीं की गई है। ऐसे में अब युवाओं की नजरें नए साल 2014 पर टिकी हैं।
उम्मीद है लोकसभा चुनाव की वजह से ही शायद इसमें कुछ तेजी आ जाए। मगर जिस तरह बड़ी तादाद में आवेदन आ रहे हैं उससे इस बात का अंदाजा लगाना आसान नहीं है कि यह भर्तियां चुनाव पूर्व हो पाएंगी या नहीं।
ग्राम पंचायत: आवेदन ही बन गए चुनौती
पंचायतीराज विभाग ने सितंबर के पहले सप्ताह में विज्ञापन निकाला। एक बार भर्ती की तिथि बढ़ाने के बाद 19 अक्तूबर तक आवेदन लिए गए।
हर जिले में आवेदन की छूट की वजह से जिलों में आवेदन पत्रों के अंबार लग गए। कई जिलों में तीन लाख तक आवेदन आए हैं।
करीब 35 लाख से अधिक आवेदन आने का अनुमान है। मगर अंतिम तौर पर कितने आवेदन आए, विभाग अब तक बता पाने की स्थिति में नहीं है। बताया जा रहा है कि जिलों में आए आवेदन अभी भी सूचीबद्ध ही किए जा रहे हैं।
पंचायतीराज विभाग के एक अधिकारी बताते हैं कि तीन हजार से कम पदों पर लाखों लोगों में से गिनती के लोगों का चयन काफी मुश्किल पैदा कर सकता है।
ऐसे में जल्दबाजी नहीं की जा सकती। अब प्रक्रिया शुरू हो गई है तो भर्ती पूरी की जाएगी। संकेत साफ है कि साल के बाकी दिनों में भर्ती हो पाना संभव नहीं है। चुनाव पूर्व भर्ती निपटा दी जाए तो गनीमत।
वीडीओ भर्ती: चार महीने तक विज्ञापन का दांव
ग्राम्य विकास विभाग ने 17 अगस्त को विज्ञापन निकाला था। इस विज्ञापन के जरिए युवाओं को लंबे समय तक उलझाने की योजना तैयार की गई है।
इस रणनीति को कुछ यूं समझा जा सकता है। विभाग ने विज्ञापन निकालने के बाद आवेदन के लिए अभूतपूर्व ढंग से तीन महीने का वक्त दिया।
इतना लंबा समय शायद ही किसी भर्ती में इसके पहले दिया गया हो। इससे भी दिलचस्प यह कि इसमें दो महीने तक आवेदन नहीं किया जा सकता था केवल अर्हता के लिए तैयारी करनी थी।
आवेदन करने को मिला एक महीना बीता तो पदों पर प्रतिस्पर्धा के लिए कम आवेदक आने और तमाम आवेदकों को डोएक के प्रमाणपत्र न मिलने का हवाला देकर आवेदन की तिथि एक महीने और बढ़ा दी गई।
इसके बाद दौड़-धूप और इंटरव्यू की प्रक्रिया अपनाई जानी है। इसी बीच विभाग ने विभाग में संविदा पर काम करने वाले कर्मियों को इन पदों पर आवेदन में पांच प्रतिशत की छूट देने की घोषणा कर दी है।
विभाग के अधिकारी बताते हैं कि इसके लिए नियमावली में संशोधन करना होगा और इसकी अनुमति कैबिनेट से लेनी होगी। इस बहाने अब यदि भर्ती लटके तो कोई अचरज की बात न होगी।
लेखपाल भर्ती: भर्ती की तैयारी होते ही बदल जाते हैं अफसर
प्रदेश में सात हजार पदों पर लेखपाल की भर्ती होनी है। राजस्व विभाग ने इस पद पर भर्ती के लिए हाईकोर्ट के निर्देशानुसार नियमावली में संशोधन भी कर लिया है। इसके अनुसार भर्ती प्रक्रिया भी तय हो चुकी है।
बताया जाता है कि समूह ग की भर्तियों में केवल लेखपाल भर्ती के लिए ऐसी पारदर्शी व्यवस्था बनाई गई है, जिस पर आवेदक सहज विश्वास कर सकते हैं।
ग्राम्य विकास व ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की भर्ती में 50 नंबर के इंटरव्यू के प्रावधान से आवेदक संतुष्ट नहीं हैं।
लेखपाल भर्ती में 90 नंबर की वैकल्पिक परीक्षा व 10 नंबर का इंटरव्यू है। मुख्य सचिव जावेद उस्मानी इस भर्ती के लिए कई बार दिशा-निर्देश दे चुके हैं।
मगर यह दूसरी बार है कि जब इस पर कार्यवाही बढ़ी, राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव का तबादला हो गया। शासन ने राजस्व परिषद को लेखपाल भर्ती कराने के लिए राज्य स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी है।
तमाम दावों के बावजूद राजस्व विभाग लेखपाल की भर्ती का विज्ञापन तक जारी नहीं कर पाया।
आवेदक यह नहीं समझ पा रहे हैं कि यह भर्ती प्रक्रिया नौकरी देने के लिए शुरू की गई है या लटकाने के लिए।
यह भर्तियां कब तक पूरी हो सकेगी, इसको लेकर कोई स्पष्ट समयसीमा तय नहीं की गई है। ऐसे में अब युवाओं की नजरें नए साल 2014 पर टिकी हैं।
उम्मीद है लोकसभा चुनाव की वजह से ही शायद इसमें कुछ तेजी आ जाए। मगर जिस तरह बड़ी तादाद में आवेदन आ रहे हैं उससे इस बात का अंदाजा लगाना आसान नहीं है कि यह भर्तियां चुनाव पूर्व हो पाएंगी या नहीं।
ग्राम पंचायत: आवेदन ही बन गए चुनौती
पंचायतीराज विभाग ने सितंबर के पहले सप्ताह में विज्ञापन निकाला। एक बार भर्ती की तिथि बढ़ाने के बाद 19 अक्तूबर तक आवेदन लिए गए।
हर जिले में आवेदन की छूट की वजह से जिलों में आवेदन पत्रों के अंबार लग गए। कई जिलों में तीन लाख तक आवेदन आए हैं।
करीब 35 लाख से अधिक आवेदन आने का अनुमान है। मगर अंतिम तौर पर कितने आवेदन आए, विभाग अब तक बता पाने की स्थिति में नहीं है। बताया जा रहा है कि जिलों में आए आवेदन अभी भी सूचीबद्ध ही किए जा रहे हैं।
पंचायतीराज विभाग के एक अधिकारी बताते हैं कि तीन हजार से कम पदों पर लाखों लोगों में से गिनती के लोगों का चयन काफी मुश्किल पैदा कर सकता है।
ऐसे में जल्दबाजी नहीं की जा सकती। अब प्रक्रिया शुरू हो गई है तो भर्ती पूरी की जाएगी। संकेत साफ है कि साल के बाकी दिनों में भर्ती हो पाना संभव नहीं है। चुनाव पूर्व भर्ती निपटा दी जाए तो गनीमत।
वीडीओ भर्ती: चार महीने तक विज्ञापन का दांव
ग्राम्य विकास विभाग ने 17 अगस्त को विज्ञापन निकाला था। इस विज्ञापन के जरिए युवाओं को लंबे समय तक उलझाने की योजना तैयार की गई है।
इस रणनीति को कुछ यूं समझा जा सकता है। विभाग ने विज्ञापन निकालने के बाद आवेदन के लिए अभूतपूर्व ढंग से तीन महीने का वक्त दिया।
इतना लंबा समय शायद ही किसी भर्ती में इसके पहले दिया गया हो। इससे भी दिलचस्प यह कि इसमें दो महीने तक आवेदन नहीं किया जा सकता था केवल अर्हता के लिए तैयारी करनी थी।
आवेदन करने को मिला एक महीना बीता तो पदों पर प्रतिस्पर्धा के लिए कम आवेदक आने और तमाम आवेदकों को डोएक के प्रमाणपत्र न मिलने का हवाला देकर आवेदन की तिथि एक महीने और बढ़ा दी गई।
इसके बाद दौड़-धूप और इंटरव्यू की प्रक्रिया अपनाई जानी है। इसी बीच विभाग ने विभाग में संविदा पर काम करने वाले कर्मियों को इन पदों पर आवेदन में पांच प्रतिशत की छूट देने की घोषणा कर दी है।
विभाग के अधिकारी बताते हैं कि इसके लिए नियमावली में संशोधन करना होगा और इसकी अनुमति कैबिनेट से लेनी होगी। इस बहाने अब यदि भर्ती लटके तो कोई अचरज की बात न होगी।
लेखपाल भर्ती: भर्ती की तैयारी होते ही बदल जाते हैं अफसर
प्रदेश में सात हजार पदों पर लेखपाल की भर्ती होनी है। राजस्व विभाग ने इस पद पर भर्ती के लिए हाईकोर्ट के निर्देशानुसार नियमावली में संशोधन भी कर लिया है। इसके अनुसार भर्ती प्रक्रिया भी तय हो चुकी है।
बताया जाता है कि समूह ग की भर्तियों में केवल लेखपाल भर्ती के लिए ऐसी पारदर्शी व्यवस्था बनाई गई है, जिस पर आवेदक सहज विश्वास कर सकते हैं।
ग्राम्य विकास व ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की भर्ती में 50 नंबर के इंटरव्यू के प्रावधान से आवेदक संतुष्ट नहीं हैं।
लेखपाल भर्ती में 90 नंबर की वैकल्पिक परीक्षा व 10 नंबर का इंटरव्यू है। मुख्य सचिव जावेद उस्मानी इस भर्ती के लिए कई बार दिशा-निर्देश दे चुके हैं।
मगर यह दूसरी बार है कि जब इस पर कार्यवाही बढ़ी, राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव का तबादला हो गया। शासन ने राजस्व परिषद को लेखपाल भर्ती कराने के लिए राज्य स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी है।