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मानव संसाधन मंत्रालय के बाद अब शिक्षा विभाग की फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी का मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीण शिक्षा परिषद नाम से बनी इस वेबसाइट में प्रधानाचार्य, शिक्षक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदों पर भर्ती निकालकर बेरोजगारों से लाखों रुपये ठगने का आरोप है।
प्रदेश सरकार का लोगो इस्तेमाल करने से बेरोजगार इसे सही समझकर ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। हालांकि, प्रदेश सरकार की तरफ से एक बयान जारी कर वेबसाइट को फर्जी बताया गया है।
वेबसाइट में ग्रामीण शिक्षा परिषद के ऑफिस का पता विभूतिखंड में दिया गया है। करीब दो महीने से चल रही इस वेबसाइट में प्रधानाचार्य से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद के लिए 300 से 500 रुपये परीक्षा शुल्क जमा कराया जा रहा है।
ऐसे सामने आई धोखाधड़ी
ठगी के शिकार लोगों का कहना है कि उन्होंने ऑनलाइन फार्म भर दिया, लेकिन प्रधानाचार्य और शिक्षकों के भर्ती कब, कहां और कैसे होगी? भर्ती प्रक्रिया क्या है? तैनाती कहां और किस आधार पर दी जाएगी?
इनका कोई जवाब नहीं है। अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरकर ऑनलाइन रुपये भी जमा कर दिए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। परेशान अभ्यर्थी वेबसाइट से ऑफिस का पता निकालकर विभूतिखंड पहुंचे तो पता चला कि वहां ग्रामीण शिक्षा परिषद नाम का कोई ऑफिस है ही नहीं।
अभ्यर्थियों ने शिक्षा विभाग के लोगों से संपर्क किया तो उन्होंने भी परिषद नाम की किसी संस्था या ऑफिस के अस्तित्व में न होने की जानकारी दी। इसके बाद अभ्यर्थियों ने पुलिस के आला अफसरों से संपर्क किया। अफसरों ने वेबसाइट की पड़ताल के निर्देश दिए हैं।