लखनऊ मेट्रो में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 22 लाख ठगे
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लखनऊ सरोजनी नगर में जालसाज ने लखनऊ मेट्रो में नौकरी दिलाने के नाम पर दर्जनभर बेरोजगारों से 22 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ितों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी।
लेकिन पुलिस ने उन्हें थाने से टरका दिया। इस संबंध में पीड़ित जब मकान मालिक से मिले तो उन्होंने जालसाज के बारे में कोई जानकारी होने से मना करते हुए उसकी आईडी दिखाई। जो कौशाम्बी जिले के फतेहपुर-सहावपुर कसेंदा निवासी अनुज कुमार सिंह के नाम बनी हुई थी।
पीड़ितों ने एसएसपी से गुहार लगाई है। पीड़ितों का आरोप है कि गौरी विहार कॉलोनी निवासी जोगेंद्र सिंह के मकान पर किराए पर रहने वाले युवक ने खुद को लखनऊ मेट्रो में मैकेनिकल इंजीनियर बताते हुए कॉलोनी के लोगों से संबंध बनाए। कॉलोनी वासियों को झांसे में लेेकर खुद को एलएमआरसी के एमडी केशव कुमार का रिश्तेदार बताते हुए मेट्रो में नौकरी दिलवाने का झांसा दिया।
पीड़ित बेरोजगारों ने की शिकायत
झांसे में आए अंजन कुमार से तीन लाख, श्याम देवी से दो लाख, सोनम कश्यप से एक लाख, अनुपम कश्यप से एक लाख 30 हजार, राजाराम सोनकर से 20 हजार का चेक व एक लाख दो हजार कैश, अजीत कश्यप से दो लाख, अशीष से एक लाख की चेक व एक लाख कैश, मटरू से 50 हजार, सुरेश भारती से एक लाख, राजेश कुमार से एक लाख 10 हजार, मास्टर से एक लाख 30 हजार, मोहन लाल से एक लाख 5 हजार रुपये का चेक व एक लाख 45 हजार रुपये व सुरेश चौधरी से तीन लाख रुपये एक माह के अंदर ले लिए।
इसके बाद मंगलवार देर रात मकान में ताला डालकर फरार हो गया। जानकारी पर पीड़ित बेरोजगारों ने इसकी शिकायत सरोजनीनगर थाने में की। आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने बिना तहरीर लिए लौटा दिया।
पीड़ितों ने इसकी शिकायत एसएसपी से करने की बात कही है। इस संबंध में इंस्पेक्टर सुधाकर पांडेय का कहना है कि पीड़ितों ने रकम देने से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं दिए है।