धौरहरा या लखनऊ, कहां से लड़ेंगे जितिन प्रसाद, राहुल गांधी लेंगे अंतिम फैसला
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पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद बृहस्पतिवार को धौरहरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों से मिलेंगे। इसके बाद दोपहर दो बजे सीतापुर बाईपास होते हुए वह लखनऊ आएंगे। हालांकि अब भी यह संशय बरकरार है कि जितिन चुनाव कहां से लड़ेंगे।
कांग्रेस ने 7 मार्च को जारी पहली सूची में ही जितिन को धौरहरा से टिकट दिया था, लेकिन बाद में उन्हें लखनऊ से लड़ाने पर भी विचार शुरू कर दिया। पार्टी लखनऊ से किसी ब्राह्मण चेहरे को उतारना चाहती है ताकि पूरे प्रदेश में ब्राह्मण मतदाताओं को संदेश जाए कि कांग्रेस उन्हें उचित प्रतिनिधित्व देने में पीछे नहीं है।
पार्टी के रणनीतिकारों का कहना है कि मौजूदा सांसद रेखा वर्मा को भाजपा का टिकट मिलने पर कांग्रेस धौरहरा में खुद को मजबूत स्थिति में देख रही है। हाईकमान इस बात पर भी विचार कर रहा है कि इन परिस्थितियों में जितिन ही वहां सबसे मुफीद चेहरा साबित होंगे। यही वजह है कि कांग्रेस ने न तो धौरहरा में टिकट बदलने की घोषणा की है और न ही लखनऊ से किसी को प्रत्याशी बनाया है।
निर्णय में लग सकता है एक दो दिनों का वक्त
कांग्रेस के एक उच्चपदस्थ सूत्र ने बताया कि जितिन लखनऊ या धौरहरा कहां से लड़ेंगे, इसे तय होने में एक-दो दिन का वक्त अभी और लग सकता है। पूरी स्थिति से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अवगत करा दिया गया है। अंतिम निर्णय उन्हें ही लेना है। इस बारे में बात किए जाने पर जितिन प्रसाद ने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।