जिला पंचायत जारी कर रहा भवन मानचित्र
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एलडीए की आपत्ति को दरकिनार कर जिला पंचायत अपने स्तर से भवन निर्माण संबंधी नक्शे जारी कर रहा है।
इस बारे में जिला पंचायत अध्यक्ष का साफ कहना है कि उनके कार्यक्षेत्र के 197 गांवों में मानचित्र स्वीकृत करने का कार्य विस्तारित विकास क्षेत्र महायोजना 2021 की राज्य सरकार द्वारा अंतिम अधिसूचना जारी किए जाने तक होता रहेगा।
उन्होंने एलडीए प्रशासन को नसीहत भी दी कि जिला पंचायत के कार्यक्षेत्र में हस्तक्षेप कर विवाद पैदा न करें।
एलडीए व जिला पंचायत के बीच बीते वर्ष नंबर में महायोजना के विस्तारित इलाकों में भवन निर्माण संबंधी नक्शा जारी किए जाने के अधिकार क्षेत्र को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था।
इसके बाद एलडीए प्रशासन ने अपनी बोर्ड बैठक में जिला पंचायत को विस्तार के तहत शामिल होने वाले 197 गांवों की जमीन पर भवन निर्माण का नक्शा स्वीकृत किए जाने का अधिकार न होने का प्रस्ताव पारित किया था।
दूसरी तरफ, एलडीए की तमाम आपत्तियों को दरकिनार करते हुए जिला पंचायत महायोजना में प्रस्तावित विस्तारित क्षेत्र को वर्तमान में अपने कार्यक्षेत्र के अधीन बताते हुए लगातार भवन निर्माण संबंधी मानचित्र जारी कर रहा है।
जिला पंचायत कार्यालय के एक जिम्मेदार अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2013 में एक जनवरी से 31 अक्तूबर के बीच जिला पंचायत स्तर से भवन निर्माण संबंधी दो सौ नक्शे जारी किए गए हैं।
इनमें 120 नक्शे आवासीय भूमि पर निर्माण संबंधी और 80 नक्शे व्यावसायिक निर्माण संबंधी हैं। इसमें सर्वाधिक 60 नक्शे एलडीए द्वारा सबसे विवादित माने जाने वाले चिनहट व फैजाबाद रोड के आवेदकों को जारी किए गए हैं।
इस बाबत जिला पंचायत अध्यक्ष विजय बहादुर का कहना है कि बीते दिनों हुई जिला पंचायत सदन की पूर्णकालिक बैठक में प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री से इस मामले में सीधे हस्तक्षेप की मांग भी की गई है।