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गुजरात के सूरत की याद दिलाएगा मोदी का जयापुर गांव!

Thu, 30 Apr 2015 01:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Thu, 30 Apr 2015 01:06 PM IST
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Jayapur to be developed as Surat of Gujarat.

साल भर पहले तक जिस जयापुर गांव में बिजली, पानी और सड़क के लिए लोग मोहताज थे, आज वही गांव विकास का ‘मॉडल’ बनने जा रहा है। यह सब मुमकिन हुआ है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से।

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मोदी की पहल पर गुजरात के तमाम उद्योगपति और वहां की कंपनियां जयापुर के विकास में मदद को आगे आई हैं। जल्द ही गांव की सड़कों की सूरत बदलेगी। सड़कों पर स्टाइलिश और कलरफुल (रेड और र्ग्रे) इंटें बिछाई जाएंगी। हर सड़क और गली में इंटरलॉकिंग होगी।
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यहां जो ईंट बिछाई जानी है, उसे गांव में ही तैयार किया जा रहा है। सूरत (गुजरात) की कंपनी तापी ब्लाक ने यहां अस्थायी प्लांट लगा रखा है। एक दिन में आठ हजार ईंटें तैयार हो रही हैं।
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ईंट में इस्तेमाल होने वाले सीमेंट और केमिकल गुजरात से ही मंगाए गए हैं। प्लांट में काम कर रहे सभी मजदूर और तकनीकी स्टाफ भी गुजरात से ही आए हैं। ईंट प्लांट के इंजीनियर का दावा है कि इस ईंट में 40 टन भार सहने की क्षमता है। गुजरात के अधिकांश शहरों में इन्हीं ईंटों का इस्तेमाल हुआ है।

बताया कि तैयार मैटेरियल र्कोइंट के फ्रेम में भरा जाता है। नौ घंटे बाद इसे फ्रेम से बाहर निकाला जाता है। फ्रेम से बाहर आने के बाद इसे पूरी तरह पकने में 28 दिन का वक्त लगता है।

गुजरात से मैटीरियल आने पर पड़ा महंगा

Jayapur to be developed as Surat of Gujarat.

बहरहाल, वह दिन दूर नहीं जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गोद लिए गांव जयापुर में जाते ही आपको गुजरात आने का अहसास होगा। इस गांव को गुजरात के गांवों की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है।

सोलर प्लांट, बस स्टैंड, कन्या पाठशाला, आंगनबाड़ी केंद्र, मुसहर बस्ती तमाम ऐसे आधारभूत ढांचे हैं जो गुजरात के गांवों की तरह यहां बनाए जा रहे हैं।

गुजरात के सूरत की कंपनी तापी ब्लॉक के प्लांट मैनेजर मनोज भायंटाला का कहना है कि ईंट में ओपीसी सीमेंट का इस्तेमाल किया गया है। यह सीमेंट गुजरात से आने की वजह से ईंट की लागत बढ़ गई है। यहां स्थानीय बाजार में मुहैया कई ब्रांडेड कंपनियों के सीमेंट की टेस्टिंग की गई। मगर सभी में राख की मिलावट थी।

यूपी में ओपीसी सीमेंट नहीं मिलने की वजह से सीमेंट गुजरात से मंगाना पड़ा। 400 बोरी सीमेंट मंगाने के लिए हमने 90 हजार रुपया ट्रक का भाड़ा दिया है।

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