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सीएंडडीएस के मामले में जल निगम ने सरकार के सामने रखा अपना पक्ष, सितंबर तक सुधर सकते हैं हालात
Wed, 26 Aug 2020 04:55 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 26 Aug 2020 04:55 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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जल निगम की कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस के ब्लैक लिस्ट होने के मामले में निगम ने सरकार के सामने अपना पक्ष रखा है। निगम के अफसरों का कहना है कि सरकार ने निगम को आर्थिक राहत देने पर सहमति दे दी है। इससे जल्द ही हालात सुधर जाएंगे। सीएंडडीएस को ब्लैक लिस्ट करने के साथ ही उसे दिए गए सभी कार्य भी निरस्त कर दिए गए थे।
इस पर निगम ने सरकार के सामने अपना पक्ष रखा है। निगम ने विभिन्न विभागों में दो हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान फंसे होने के कारण निगम के आर्थिक संकट व इसकी वजह से कार्यों के पूरा न होने में आई दिक्कतों का हवाला दिया है। यह भी बताया है कि किन परियोजनाओं में कितना काम किया गया और किनमें कितनी राशि का निगम को भुगतान मिला है। लॉकडाउन होने की वजह से भी काम बाधित हुए।
गौरतलब है कि निगम के नियमित कर्मियों के वेतन व पेंशनर्स का समय से भुगतान नहीं हो पा रहा है। हजारों पेंशनरों ने करीब चार महीने से पेंशन का भुगतान न होने की बात उठाई है। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री तक से शिकायत की गई है। निगम ने इस समस्या के समाधान के लिए पिछले दिनों सरकार के सामने दो प्रस्ताव रखे थे।
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इस पर निगम ने सरकार के सामने अपना पक्ष रखा है। निगम ने विभिन्न विभागों में दो हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान फंसे होने के कारण निगम के आर्थिक संकट व इसकी वजह से कार्यों के पूरा न होने में आई दिक्कतों का हवाला दिया है। यह भी बताया है कि किन परियोजनाओं में कितना काम किया गया और किनमें कितनी राशि का निगम को भुगतान मिला है। लॉकडाउन होने की वजह से भी काम बाधित हुए।
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गौरतलब है कि निगम के नियमित कर्मियों के वेतन व पेंशनर्स का समय से भुगतान नहीं हो पा रहा है। हजारों पेंशनरों ने करीब चार महीने से पेंशन का भुगतान न होने की बात उठाई है। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री तक से शिकायत की गई है। निगम ने इस समस्या के समाधान के लिए पिछले दिनों सरकार के सामने दो प्रस्ताव रखे थे।
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निगम के दो हजार करोड़ से अधिक के भुगतान लंबित
पहले प्रस्ताव में कहा गया था कि विभिन्न सरकारी विभागों में निगम के दो हजार करोड़ से अधिक के भुगतान लंबित हैं। इसका भुगतान कराया जाए और तब तक प्रतिमाह 50 करोड़ का भुगतान किए जाने की व्यवस्था की जाए। वहीं, दूसरे प्रस्ताव में कहा गया था कि निगम को 110 करोड़ का भुगतान दे दिया जाए जिससे पेंशनरों व कर्मचारियों के भुगतान की समस्या का निस्तारण किया जा सके।
निगम के प्रबंध निदेशक विकास गोठलवाल ने कहा कि सरकार ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लान (एसटीपी) में 2011-12 से 2018-19 के दौरान किए गए कार्य की लंबित राशि दिए जाने पर सहमति दे दी है। सितंबर के प्रथम सप्ताह में भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि निगम ने पेंशनरों व कर्मचारियों के बैकलॉग की राशि का भुगतान कर दिया है। अप्रैल, मई, जून व जुलाई की पेंशन देय है। एसटीपी की राशि मिलने पर सितंबर में पेंशन का भुगतान किया जाएगा।
निगम के प्रबंध निदेशक विकास गोठलवाल ने कहा कि सरकार ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लान (एसटीपी) में 2011-12 से 2018-19 के दौरान किए गए कार्य की लंबित राशि दिए जाने पर सहमति दे दी है। सितंबर के प्रथम सप्ताह में भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि निगम ने पेंशनरों व कर्मचारियों के बैकलॉग की राशि का भुगतान कर दिया है। अप्रैल, मई, जून व जुलाई की पेंशन देय है। एसटीपी की राशि मिलने पर सितंबर में पेंशन का भुगतान किया जाएगा।