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हम दे रहे पैसा, नहीं ले जा रहा यूपी: जयराम
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 01 Jan 2014 01:27 AM IST
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केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने समेकित वाटरशेड प्रबंधन कार्यक्रम (आईडब्ल्यूएमपी) के लिए केंद्र से मिलने वाली रकम न ले पाने के लिए प्रदेश को कटघरे में खड़ा किया है।
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उन्होंने नए साल की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखकर इस सुस्ती की ओर ध्यान दिलाया है।
रमेश ने इस कार्यक्रम को गति देने के लिए मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से ध्यान देने को कहा है।
मिट्टी को बह जाने से रोकने, प्राकृतिक वानस्पतिक क्षेत्र को बढ़ावा देने, वर्षा जल संग्रह तथा भूजल स्तर को रिचार्ज करने के लिहाज से यह कार्यक्रम बेहद अहम है।
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इससे न सिर्फ विभिन्न तरह की फसलें उगाने को बढ़ावा दिया जा सकता है बल्कि कृषि संबंधी कई गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं।
जल भराव से प्रभावित क्षेत्र के लोगों को इससे स्थायी रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
जयराम के अनुसार कर्नाटक को छोड़कर किसी भी प्रदेश में इस कार्यक्रम को गति नहीं मिल रही है।
यूपी का हवाला देते हुए उन्होंने बताया है कि 2009-10 से 2013-14 तक स्वीकृत परियोजनाओं के लिए 2830 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
अब तक प्रदेश को 536 करोड़ रुपये जारी भी हो चुके हैं। मगर हाल ये है कि प्रदेश सरकार के पास इसमें से 220 करोड़ रुपये बिना खर्च के पड़ा हुआ है।
जयराम रमेश का कहना है कि प्रदेश चाहता तो पिछले चार वर्षों में 355 करोड़ रुपये और प्राप्त कर सकता था।
उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रदेश में इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए ढांचा स्थापित करने में व्यक्तिगत ध्यान देने को कहा है।