फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   jailer and deputy jailer suspended.

मुन्ना बजरंगी हत्याकांड के वक्त बागपत जेल के जेलर रहे उदय प्रताप सिंह बर्खास्त

Fri, 21 Jun 2019 10:09 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 21 Jun 2019 10:09 PM IST
विज्ञापन
jailer and deputy jailer suspended.
- फोटो : अमर उजाला

राज्य सरकार ने बागपत जिला जेल में माफिया मुन्ना बजरंगी की गोली मार कर हत्या किए जाने के मामले में तत्कालीन जेलर उदय प्रताप सिंह को बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही मेरठ जिला जेल में बंदियों को अनधिकृत सुविधा मुहैया कराए जाने के मामले में उप कारापाल (डिप्टी जेलर) धीरेंद्र कुमार सिंह को भी बर्खास्त कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को गृह विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त तेवर के बाद यह कार्रवाई की गई है।

विज्ञापन


बागपत जिला जेल में 9 जुलाई 2018 की सुबह ही जिला जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद माफिया प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी की एक अन्य अपराधी सुनील राठी ने गोलियां बरसा कर हत्या कर दी थी। जेल के अंदर हत्या होने और वहां पिस्टल पहुंचने के मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया था। 
विज्ञापन


हालांकि इस मामले में जांच के बाद दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों को बर्खास्त करने की बात कही गई थी पर इस पर अभी तक फैसला नहीं किया जा सका था। इस मामले की जांच रिपोर्ट व तत्कालीन जेलर उदय प्रताप सिंह के बयान के  परीक्षण के बाद प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने शुक्रवार को उन्हें (बर्खास्त) करने के आदेश जारी कर दिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

शासन व विभाग की छवि हुई धूमिल

प्रमुख सचिव गृह ने अपने आदेश में कहा है कि जेल में बंदी सुनील राठी द्वारा बंदी प्रेम प्रकाश की गोली मार कर की गई हत्या से न केवल शासन व विभाग की छवि धूमिल हुई, बल्कि जनमानस में कारागार प्रशासन के प्रति गलत संदेश भी गया। जेल में पिस्टल पहुंचने व दूसरे बंदी की गोली मारकर हया किए जाने की घटना अत्यंत ही गंभीर है प्रकृति की है। 

संबंधित अधिकारी पर आरोप सिद्ध पाए जाने और आरोपों की गंभीरता के देखते हुए उन्हें सेवा में बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं पाया जाता है। शासकीय कर्तव्यों में बरती गई घोर लापरवाही के दृष्टिगत कारापाल (जेलर) उदय प्रताप सिंह की सेवा समाप्त किए जाने का दंड दिया जाता है।

उधर मेरठ जिला जेल में एक निजी टीवी चैनल द्वारा 2 अक्टूबर 2013 को किए गए स्टिंग आपरेशन जेल में बंदियों को अनधिकृत सुविधा मुहैया कराए जाने का खुलासा हुआ था। इसमें जेल के डिप्टी जेलर धीरेंद्र कुमार की भूमिका सामने आई थी। मामले की जांच 2017 में डीआईजी जेल बरेली ने की थी।

जेल में भ्रष्टाचार आया सामने

डिप्टी जेलर के खिलाफ किए गए फैसले में प्रमुख सचिव गृह ने कहा है कि यह प्रकरण बंदियों को अनधिकृत सुविधा मुहैया कराने के लिए स्पष्ट रूप से भ्रष्टाचार से संबंधित है। डिप्टी जेलर धीरेंद्र कुमार सिंह के नियम विरुद्ध व अवैधानिक कृत्यों से न केवल विभाग बल्कि प्रदेश सरकार की छवि भी धूमिल हुई है। 

कारागार विभाग एक वर्दीधारी अनुशासित विभाग है, जिसके प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी से अपेक्षा की जाती है कि वह अपने पद के दायित्वों का पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ निर्वहन करे, जिससे जनमानस में विभाग की छवि उज्जवल रहे। 

इसके विपरीत जो अधिकारी ऐसा न कर भ्रष्टाचार में लिप्त रहता है उसे कड़ा दंड दिया जाए जिससे अन्य अधिकारियों में इसका संदेश जा सके। डिप्टी जेलर धीरेंद्र कुमार सिंह पर लगे आरोप सत्य पाए जाने पर उनकी सेवा समाप्त करने का दंड दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed