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अखिलेश-जगन की बनी बात, लंबा चलेगा रिश्ता

Fri, 06 Dec 2013 10:38 PM IST
राजेंद्र सिंह/लखनऊ
राजेंद्र सिंह/लखनऊ Updated Fri, 06 Dec 2013 10:38 PM IST
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jaganmohan reddy and akhilesh yadav meet in lucknow

वाईएसआर कांग्रेस के नेता वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलकर संविधान के अनुच्छेद-3 में संशोधन के लिए सहयोग मांगा।

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इस अनुच्छेद में संसद को राज्यों के गठन का पूर्ण अधिकार मिला हुआ है।

दोनों नेताओं ने आंध्र प्रदेश का विभाजन कर तेलंगाना को अलग राज्य बनाने के खिलाफ सपा और वाईएसआर कांग्रेस ने एकजुटता दिखाई।

जगनमोहन ने कहा कि राज्यों के विभाजन का विरोध लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है।

घर पर की मुलाकात

जगनमोहन रेड्डी ने शाम को मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर अखिलेश यादव से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद-3 में नए राज्य बनाने के लिए सभी अधिकार संसद को मिले हुए हैं। नए राज्य का ड्राफ्ट बिल राष्ट्रपति संबंधित राज्य की विधानसभा को निश्चित समय में अनुमोदन करने के लिए भेजते हैं।
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यदि विधानसभा इसे खारिज भी कर दें तो भी नए राज्य का गठन हो सकता है। उन्होंने जनविरोध के बावजूद केंद्र सरकार द्वारा आंध्र प्रदेश का विभाजन करके तेलंगाना राज्य बनाने पर चिंता और नाराजगी जताई।
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कहा कि दिल्ली में 272 सीट लेकर देश के किसी भी राज्य का विभाजन किया जा सकता है। अनुच्छेद-3 में संशोधन करके इस पर रोक लगनी चाहिए।

बंटवारा कोई समाधान नहीं
जगनमोहन रेड्डी से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने मीडियाकर्मियों से कहा कि सपा देश में किसी भी राज्य के विभाजन के खिलाफ है। नेताजी (मुलायम सिंह) लगातार यह बात कह रहे हैं। राज्यों के बंटने से समस्या का समाधान नहीं होता, उल्टे समस्याएं बढ़ती हैं।

यूपी का विभाजन करके उत्तराखंड बनाए जाने के बाद अभी तक कई चीजें अनसुलझी हैं। जगन ने उन्हें आर्टिकिल-3 के बार में बताया है। सपा आंध्र प्रदेश के विभाजन के खिलाफ वाईएसआर कांग्रेस के साथ है।

सभी दलों से मांग रहे सहयोग
जगनमोहन ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से आर्टिकिल-3 पर विस्तार से चर्चा की है। विधानसभा को विश्वास में लिए बगैर राज्य का विभाजन उचित नहीं हैं। इस मुद्दे पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी से सहयोग मांगे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे सभी से समर्थन की अपील कर रहे हैं।

वह डीएमके, एआईडीएमके, तृणमूल कांग्रेस, भाजपा, सीपीआई, सीपीएम, जनता दल यू, बीजू जनता दल और शिवसेना समेत सभी दलों से अनुच्छेद-3 के खिलाफ समर्थन मांग चुके हैं।


रिश्ता लंबा चलेगा: सीएम
क्या जगनमोहन से बातचीत में तीसरे मोर्चे के गठन को लेकर कोई चर्चा हुई है, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसका सीधा जवाब नहीं दिया। इतना जरूर कहा, हमारा रिश्ता लंबा चलेगा। अखिलेश ने कहा, जगन से पहली मुलाकात लोकसभा में हुई थी।

अखिलेश ने कहा कि वह अब लोकसभा में नहीं है, लेकिन संबंध बने हुए हैं। उनका-हमारा रिश्ता लंबा चलेगा। ऐसा माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री का इशारा चुनाव बाद बनने वाले तीसरे मोर्चे को लेकर था।

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