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Sultanpur: सुल्तानपुर के खैरहा में सियार का हमला, बकरी को मार डाला, किसान को किया घायल

Tue, 10 Sep 2024 01:21 PM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, मोतिगरपुर (सुल्तानपुर)
संवाद न्यूज एजेंसी, मोतिगरपुर (सुल्तानपुर) Published by: ishwar ashish Updated Tue, 10 Sep 2024 01:21 PM IST
सार

सुल्तानपुर जिले के कई इलाकों में सियार के हमला करने के मामले सामने आए हैं। सियार ने बकरी को मार डाला और किसान को घायल कर दिया।

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jackol attack in Motigarpur thana in Sultanpur.
ग्रामीणों ने मामले की जानकारी दी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

ब्लॉक क्षेत्र के खैरहा गांव में बृहस्पतिवार की रात से लगातार वन्यजीवों के हमला करने के मामले सामने आ रहे हैं। अब तक इन्हें पकड़ने में वन विभाग की टीम नाकाम रही। इसी बीच रविवार की रात सियार ने छप्पर में बंधी बकरी को मार डाला। इससे ग्रामीणों में दहशत और बढ़ गई है। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी।

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खैरहा गांव के उत्तरी हिस्से में लालती देवी का घर है। लालती के मुताबिक रविवार की रात साढ़े नौ बजे सभी लोग घर के बरामदे में थे। इसी बीच बिजली जाने से अंधेरा हो गया और छप्पर में बंधी करीब 10 माह की बकरी को वन्यजीव ने मार डाला। कुत्ते के भौंकने पर हम लोग पहुंचे तो देखा कि सियार बकरी को घसीट रहा था। लालती के देवर शिव प्रसाद ने बताया कि उसकी ऊंचाई और लंबाई सामान्य सियारों से कुछ ज्यादा थी।
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ग्राम प्रधान सुभाषचंद्र निषाद की सूचना पर सोमवार को सुबह वन दरोगा जयसिंहपुर चंद्रप्रकाश, वन रक्षक मनोज गुप्ता व दैनिक वाचर नेबूलाल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर लोगों के बयान लिए। लगातार वन्यजीव दिखने से लोगों में दहशत है। रेंजर जयसिंहपुर अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। अब तक मिले पैरों के निशान कुत्ते या सियार के ही लग रहे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से चार स्पाई नाइट विजन कैमरे और एक पिंजड़ा लगाया गया है।
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कई दिनों से गांव में दिख रहे वन्यजीव
मोतिगरपुर। दो सितंबर की रात बच्ची को सियार के शिकार बना लेने की घटना के बाद से वन विभाग की टीम दियरा के कोड़रिया में लगातार वन्यजीव को पकड़ने के प्रयास में जुटी है। वहीं, घटना के तीन दिन बाद से लगातार बगल के खैरहा गांव में प्रतिदिन वन्यजीव के मामले सामने आ रहे है। बृहस्पतिवार की रात धर्मराज निषाद घर के सामने छप्पर के नीचे लेटे थे। आधी रात को एक सियार उनके पैरों के पास बिस्तर मुंह से खींचने लगा, तभी उनकी नींद खुल गई। शोर मचाने पर सियार जंगल में भाग गया। शुक्रवार की रात कन्हैयालाल निषाद के घर पर तीन वन्यजीवों ने हमला बोल दिया था। बिजली की रोशनी में उन्होंने देखा कि तीन बड़े सियार उनके दरवाजे को पंजे व मुंह से नोचने का प्रयास कर रहे थे। शोर मचाने पर सियार जंगल में भाग गए। शनिवार की रात 10 बजे श्रीनाथ के घर के पास दो सियार दिखाई पड़े। हल्ला-गुहार करते हुए ग्रामीणों ने दौड़कर सियारों का पीछा किया, लेकिन वन्यजीव पकड़ में नहीं आए।

कोड़रिया में कैंप कर रही वन विभाग की टीम
मोतिगरपुर। मासूम की मौत के बाद से ही वन विभाग की टीम लगातार गांव में कैंप कर रही है। कोड़रिया में वन दरोगा चंद्र प्रकाश, कृष्णकांत, फरीद अहमद, बेंचूलाल, बीट प्रभारी/वन रक्षक मनोज गुप्ता, रामलौट, जेठूराम के अलावा कई दैनिक वाचर लगाए गए हैं। एक दरोगा, एक बीट प्रभारी और चार दैनिक वाचर आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी कर रहे हैं। इसके अलावा चार फारेस्ट स्पाई नाइट विजन कैमरों के साथ बीच-बीच में ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही है।

जंगली इलाकों में जाने से बच रहे पशुपालक
लंभुआ (सुल्तानपुर)। जिले से होकर गुजरी गोमती नदी के किनारे के गांवों में शुक्रवार को सियार की दखल के बाद ग्रामीण भयभीत हो गए हैं। ग्रामीण रतजगा कर रहे हैं। पशुपालक अब जंगली इलाकों में जाने से बच रहे हैं। उधर, वनकर्मी भी कॉबिंग में लगे हुए हैं। शुक्रवार की शाम बरुआ उत्तरी निवासी घोल्लर पाल की भेड़ को सियार उठा ले गया था। इस घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। वन क्षेत्राधिकारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि घटनास्थल के आसपास के गांवों में वनकर्मी भेजे गए हैं। दोबारा सियार के दिखने की पुष्टि नहीं हो सकी है। फिर भी नजर रखी जा रही है।


ग्रामीणों को किया जा रहा जागरूक
कुड़वार (सुल्तानपुर)। क्षेत्र के भंडरा सोहगौली, संसारीपुर, पूरे ललक आदि गांवों में बीते दिनों सियार ने ग्रामीणों के साथ बकरियों पर हमला कर दिया था। ग्रामीणों की शिकायत पर वन विभाग के रेंजर, वन दरोगा आदि कर्मचारियों ने गांवों में जाकर लोगों को सचेत रहने के लिए जागरूक किया था। वन दरोगा डीपी पांडेय ने बताया कि लोगों को जागरूक कर अफवाहों से बचने के लिए कहा गया है।

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