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आईटीआई : 4.37 लाख सीटों पर सिर्फ 3.56 लाख आवेदन
Wed, 25 Jun 2025 02:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 25 Jun 2025 02:07 AM IST
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आईटीआई : 4.37 लाख सीटों पर सिर्फ 3.56 लाख आवेदन
लखनऊ। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में इस वर्ष छात्रों की रुचि में चौंकाने वाली गिरावट देखी गई है। सत्र 2025-26 के लिए कुल 4.37 लाख सीटों के मुकाबले केवल 3.56 लाख आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। यानी करीब एक लाख सीटों पर फिलहाल कोई दावेदार नहीं है।
व्यावसायिक शिक्षा विभाग की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, न केवल निजी बल्कि राजकीय आईटीआई में भी सीटें भरना इस बार चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। आवेदन प्रक्रिया 22 जून को पूरी हो चुकी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक छात्रों की इस उदासीनता के पीछे पारंपरिक पाठ्यक्रम एक बड़ी वजह है। लखनऊ सहित प्रदेश के ज्यादातर आईटीआई संस्थानों में एक दशक से पुराने पारंपरिक कोर्स ही संचालित हो रहे हैं। इंडस्ट्री में नई तकनीकों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में हाईस्कूल पास छात्र अब आईटीआई की बजाय अन्य विकल्पों की तलाश में जुटे हैं।
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संयुक्त निदेशक बोले - होगी समीक्षा
राज्य के व्यावसायिक शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार ने बताया कि राजकीय आईटीआई में 1.23 लाख और निजी संस्थानों में करीब तीन लाख सीटें हैं। इस बार अपेक्षा से कम आवेदन आए हैं। विभाग इस स्थिति की समीक्षा करेगा, ताकि आगे की प्रवेश प्रक्रिया में सुधार हो सके।
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व्यावसायिक शिक्षा विभाग की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, न केवल निजी बल्कि राजकीय आईटीआई में भी सीटें भरना इस बार चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। आवेदन प्रक्रिया 22 जून को पूरी हो चुकी है।
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विशेषज्ञों के मुताबिक छात्रों की इस उदासीनता के पीछे पारंपरिक पाठ्यक्रम एक बड़ी वजह है। लखनऊ सहित प्रदेश के ज्यादातर आईटीआई संस्थानों में एक दशक से पुराने पारंपरिक कोर्स ही संचालित हो रहे हैं। इंडस्ट्री में नई तकनीकों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में हाईस्कूल पास छात्र अब आईटीआई की बजाय अन्य विकल्पों की तलाश में जुटे हैं।
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संयुक्त निदेशक बोले - होगी समीक्षा
राज्य के व्यावसायिक शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार ने बताया कि राजकीय आईटीआई में 1.23 लाख और निजी संस्थानों में करीब तीन लाख सीटें हैं। इस बार अपेक्षा से कम आवेदन आए हैं। विभाग इस स्थिति की समीक्षा करेगा, ताकि आगे की प्रवेश प्रक्रिया में सुधार हो सके।