UP: ITI में हो रहा जबरदस्त फर्जीवाड़ा
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मेरठ मंडल में आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) का एक नया कारनामा सामने आया है। 30 जुलाई को हुई आईटीआई की वार्षिक परीक्षा की लिखी उत्तर पुस्तिकाओं का एक बंडल गायब हो गया है।
बंडल में 310 कॉपियां होने की बात कही जा रही है। इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को भी नहीं दी गई है। दो अगस्त को मेरठ मंडल से उत्तर पुस्तिकाओं के 116 बंडल भेजे गए थे।
वहीं, व्यवसायिक परीक्षा परिषद मुख्यालय लखनऊ में 116 के बजाय केवल 115 बंडल ही रिसीव हुए। एक बंडल कहां गायब हुआ इसकी कोई जानकारी नहीं है।
बताई जा रही कॉपियां बदलने की साजिश
पिछले साल आईटीआई की वार्षिक परीक्षा में हजारों फर्जी छात्रों को शामिल कराने को लेकर चर्चा में रहने वाला मेरठ मंडल इस बार नए कारनामे के लिए चर्चा में है। मेरठ के माना इंटर कॉलेज कसेड़ूखेड़ा में राज आईटीआई का सेंटर पड़ा था।
गायब हुई कॉपियां इसी आईटीआई की बताई जा रही हैं। पेपर होने के बाद कॉपियों के बंडल सील करके व्यवसायिक परीक्षा परिषद भेजा जाता है। इसके बाद कॉपियां जांची जाती हैं। गायब हुए बंडल को लेकर तमाम तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं।
कुछ लोग इसे निजी आईटीआई के साथ मिली भगत करके कॉपियां बदलने की साजिश करार दे रहे हैं तो कुछ इसे परीक्षा कार्य से जुड़े लोगों की लापरवाही बता रहे हैं। इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद मातहतों ने उच्च अधिकारियों को इस बात की जानकारी तक नहीं दी।
पहले लापरवाही अब झूठी बयानबाजी
परीक्षा की मुख्य कमान संभालने वाले जेडी मेरठ डीके सिंह उत्तर पुस्तिका गायब होने के मामले को अब झूठी बयानबाजी कर रहे हैं।
डीके सिंह के अनुसार उत्तर पुस्तिकाओं का बंडल गायब हुआ था लेकिन बाद में मिल गया था। बंडल कब और कहां मिला इस सवाल का जवाब जेडी मेरठ के पास नहीं था।
दूसरी ओर आईटीआई से जुडे़ एक आला अधिकारी ने नाम छापने की शर्त पर बताया कि उत्तर पुस्तिका बंडल अभी तक नहीं मिला है।
उपनिदेशक का फोन नहीं उठा
व्यवसायिक परीक्षा परिषद की निदेशक के पास व्यवसायिक शिक्षा के विशेष सचिव का भी चार्ज है। ऐसे में व्यवसायिक परीक्षा परिषद का कामकाज उपनिदेशक मतीन जफर के पास ही रहता है। इस मामले की जानकारी के लिए जब उपनिदेश से उनके कार्यालय पर संपर्क किया गया तो शनिवार को वहां उनसे मुलाकात नहीं हुई।
इसके बाद उनके मोबाइल पर शनिवार से लेकर रविवार तक कई बार फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। यहां तक कि उन्होंने मैसेज करने के बावजूद फोन नहीं उठाया।
सैयद मतीन जफर की भूमिका बीते साल आईटीआई परीक्षा में हजारों फर्जी बच्चे बैठने के मामले में संदिग्ध बताई जाती है। शासन द्वारा गठित जांच समिति फर्जी बच्चे बैठने के मामले में उपनिदेशक की भूमिका की जांच भी कर रही है।
निदेशक ने पल्ला झाड़ा
इस मसले पर व्यवसायिक परीक्षा परिषद की निदेशक अनीता श्रीवास्तव का कहना है कि ट्रेनिंग पर जाना था इसलिए मैंने दो दिन पहले उप निदेशक को चार्ज दे दिया है।
उत्तर पुस्तिका का बंडल गायब होने की जानकारी मुझे नहीं है। आईटीआई में ये छोटी बात है। बंडल कहीं होगा मिल जाएगा।
वहीं प्रशिक्षण एवं सेवायोजन के निदेशक राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि उत्तर पुस्तिका का बंडल गुम होना गंभीर मामला है। दो दिन पहले ही मैंने जॉइन किया है ये मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। फिलहाल इस मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।