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Lucknow News: जमुनहा में घटी लेकिन इकौना में उफनाई राप्ती

Tue, 09 Jul 2024 04:02 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jul 2024 04:02 AM IST
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It decreased in Jamunaha but Rapti swelled in Ikouna
मल्हीपुर-भिनगा मार्ग वीरपुर लौकिहा गांव के पास कट गया है। -संवाद
-खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर बह रही राप्ती
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-इकौना के कई मार्ग व गांव हुए जलमग्न, कटा मधवापुर घाट मार्ग
-तिलकपुर-अंधरपुरवा तटबंध कटने से दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में
-घरों की छतों पर डेरा जमाए हैं बाढ़ पीड़ित, बांटे गए लंच पैकेट
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। जमुनहा के राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान 127.70 से 20 सेंटीमीटर ऊपर है। घटते जलस्तर के साथ ही जहां जमुनहा क्षेत्र के लोगों को राहत मिलने लगी है वहीं इकौना तहसील क्षेत्र के 75 गांवों में राप्ती का तांडव जारी है। राप्ती की बाढ़ की चपेट में आने से जमुनहा भिनगा मार्ग मधवापुर घाट के निकट कट गया। वहीं जंगलीदास बाबा कुटि के निकट जोगिया संपर्क मार्ग कट गया। इकौना क्षेत्र में बढ़े जलस्तर के कारण भिनगा इकौना व कटरा मथुरा मार्ग पर कई फिट पानी आ जाने से आवागमन बाधित हो गया। सोमवार को बाढ़ व अतिप्लावन के कारण 99 विद्यालय में पठन पाठन बाधित रहा। वहीं खेतों में लगी फसलें व गांव के संपर्क मार्ग पानी में डूब गए। दोंदरा के निकट तिलकपुर-अंधरपुरवा तटबंध कट जाने से 25 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। वहीं इकौना क्षेत्र में बौद्ध तपोस्थली व कटरा उपकेंद्र सहित करीब 50 गांव बाढ़ से घिर गए। इनमें कई गांव में बाढ़ का पानी आ जाने से लोग बाढ़ चौकी व राहत केंद्र का सहारा लेते दिखे। उधर बाढ़ पीड़ित गांवों में लंच पैकेट भी बांटे गए। इन गांवाें में लोग घरों की छतों या फिर ऊंचे स्थान पर डेरा जमा रहे हैं। एनडीआरएफ व फ्लड पीएसी राहत कार्य में जुटी हैं।


धरे रह गए इंतजाम, कटा भंगहा मल्हीपुर मार्ग
जमुनहा को मुख्यालय भिनगा से जोड़ने वाला डबल लेन मार्ग मधवापुर घाट के निकट रविवार देर शाम राप्ती नदी की बाढ़ से कट गया। कई मीटर मार्ग कट जाने के कारण जमुनहा का भिनगा से सीधा संपर्क टूट गया। यह मार्ग पहले से ही राप्ती के निशाने पर था जिसे बचाने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से जिओ ट्यूब का सहारा लिया जा रहा था। लेकिन प्रशासन के यह सारे इंतजाम धरे रह गए। रविवार को जहां मार्ग पर कई फिट बाढ़ का पानी आ जाने से आवागमन रोक दिया गया था।
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क्षतिग्रस्त हुआ जोगिया संपर्क मार्ग
राप्ती नदी की बाढ़ की विभीषिका के कारण बाढ़ का पानी जमुनहा क्षेत्र के कई संपर्क मार्गों पर आ गया है। इस कारण मल्हीपुर भिनगा मार्ग शिकारी व मधवापुर घाट पुल के बीच तीन स्थानों पर कट गया। वहीं जमुनहा बहराइच मुख्य मार्ग स्थित जंगल दास बाबा कुटि से जोगिया जाने वाला मार्ग छह स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। ऐसे में पुलिस ने मल्हीपुर चौराहे पर बैरीगेटिंग लगा कर लोगों को मार्ग पर जाने से रोक दिया है। वहीं जमुनहा बहराइच मुख्य मार्ग स्थित पिपरहवा गांव के निकट उल्टहवा पुल का अप्रोच भी धंस गया है।
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इकौना में कहर बरपा रही राप्ती
राप्ती नदी का जलस्तर जमुनहा क्षेत्र में भले ही कम हो गया हो लेकिन इकौना तहसील क्षेत्र में राप्ती अपना कहर बरपा रही है। राप्ती में आई भीषण बाढ़ के कारण भिनगा इकौना मार्ग भोजपुर के पास पानी आ जाने के कारण बंद हो गया। वहीं कटरा मथुरा मार्ग पर भी बाढ़ का पानी आ जाने से सड़क डूब गई है। इससे मार्ग पर आवागमन रोक दिया गया है। इसके साथ ही राप्ती नदी के बाढ़ का पानी बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती, डेन महामंकोल, चाइना मंदिर, सहेट महेट दहावर कला, महरौली, कोटवा, सेमगढ़ा, कटरा सहित क्षेत्र के करीब 50 गांवों में फैल गया है। इससे खेत खलिहान मार्ग व चकमार्ग सहित कई गांव पानी में डूब गए हैं। जहां लोगों को एनडीआरएफ व फ्लड पीएसी की टीम मोटर बोट के सहारे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है।

कटा तिलकपुर-अंधरपुरवा तटबंध, 25 गांव हुए जलमग्न
भिनगा तहसील क्षेत्र के दोंदरा गांव के निकट तिलकपुर-अंधरपुरवा तटबंध बाढ़ की विभीषिका के कारण रविवार देर शाम कट गया। इससे राप्ती नदी का पानी दोंदरा, मुजेहना, पारावन, सेहनिया, पुरैना, गंगापुर, जोगनी, खर्च, शुकुल पुरवा, गोड़धोई, अमवा सहित करीब 25 गांव जलमग्न हो गए। इन गांवों में खेत खलिहान व लोगों के घर ही नहीं गांव को जाने वाले मुख्य मार्ग पर बाढ़ के पानी के तेज बहाव के कारण आवागमन प्रभावित है।



कई विद्यालयों में बाधित हुआ शिक्षण कार्य
जिले में तीन दिनों तक हुई बरसात के कारण राप्ती नदी व पहाड़ी नाले उफान पर आ गए थे। इसके कारण कई गांव जलमग्न तो कई टापू बन गए। इससे इकौना विकास क्षेत्र में 23, हरिहरपुररानी में 27, गिलौला में आठ, जमुनहा में 11, सिरसिया में 30 परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य बाधित है। कई विद्यालय जहां पानी से सराबोर हैं। वहीं कई विद्यालय को जाने वाले मार्ग पानी से सराबोर हो जाने के कारण यहां शिक्षक व छात्र जाने से कतराते नजर आए।
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