दशहरे पर पीएम मोदी की मौजूदगी के दौरान आतंकियों ने किया था धमाका
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आईएस के संदिग्ध आतंकियों ने दशहरे के मौके पर लखनऊ में ऐशबाग की रामलीला देखने आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी के दौरान धमाका किया था। इस बात का खुलासा मध्य प्रदेश में पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ में हुआ है।
यह धमाका कम तीव्रता का था जिसे पटाखे की आवाज समझ कर लोगों ने नजरअंदाज कर दिया था। संदिग्ध आतंकियों ने जो खुलासा किया है उसे लेकर देश भर की सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक दशहरा के दिन ऐशबाग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा से पहले धमाका कर इन आतंकियों का मंसूबा दहशत फैलाना था। इसके लिए गौस मोहम्मद, आतिफ, सैफुल्लाह व एक अन्य रामलीला ग्राउंड के बाहर तक पहुंच गए थे। लेकिन भारी पुलिस बल तैनात होने के कारण ये अपने मंसूबे को अंजाम नहीं दे पाए तो रामलीला मैदान से थोड़ा दूर बम रख कर चले गए थे।
सूत्रों की मानें तो पीएम के कार्यक्रम के दौरान धमाके की आवाज हुई तो सुरक्षा एजेंसियों के भी कान खड़े हो गए थे। पूछताछ में आतिफ ने सुरक्षा एजेंसियों को बताया है कि वह और सैफुल्लाह दूसरे दिन देखने भी गए थे कि विस्फोट हुआ कि नहीं। जहां बम फिट किया गया था वहां की घास जली हुई थी।
एमपी में पकड़े गए संदिग्धों को लेकर लखनऊ आई एनआईए
मध्य प्रदेश में पकड़े गए आईएसआईएस के खुरासान मॉड्यूल के संदिग्ध आतंकियों को लेकर एनआईए की टीम बुधवार शाम लखनऊ पहुंची।
इन संदिग्धों में दानिश अख्तर, आतिफ मुजफ्फर और सैयद मीर हुसैन उर्फ हम्जा शामिल हैं। सात मार्च को एमपी पुलिस ने एमपी के शाजापुर में भोपाल उज्जैन ब्लास्ट के बाद इन्हें गिरफ्तार किया था।
इन्हीं संदिग्धों की निशानदेही पर लखनऊ के हाजी कॉलोनी में सैफुल्लाह के घर पर एटीएस की टीम ने छापा मारा था। 11 घंटे तक चले एनकाउंटर में सैफुल्लाह मारा गया था। इस मामले में यूपी एटीएस ने प्रदेश के अलग अलग हिस्सों से छह अन्य को गिरफ्तार किया था।
लखनऊ जेल में बंद संदिग्धों से कराया जाएगा सामना
सूत्रों की मानें तो अन्य संदिग्धों का सामना लखनऊ जेल में बंद संदिग्धों से कराया जाएगा। सूत्रों का यह भी कहना है कि एनआईए की टीम इन संदिग्धों को लेकर सैफुल्लाह के घर भी जाएगी जहां सैफुल्लाह को एटीएस ने मार गिराया था। साथ ही कानपुर भी इन संदिग्धों को लेकर जाया जाएगा जहां अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।