जाहिद से संपर्क करने के लिए आईएसआई ने निकाला था नायाब तरीका
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खुर्जा से दबोचा गया जासूस जाहिद से उसका आईएसआई हैंडलर अली कॉल स्पूफिंग के जरिए संपर्क करता था। जाहिद के पास रोहतक की भी जिम्मेदारी थी। रिमांड के दूसरे दिन सोमवार को जांच एजेंसियों की पूछताछ में उसने यह खुलासा किया। पर, जांच एजेंसियां यह पता नहीं लगा सकी कि रोहतक में जाहिद को कौन सी जानकारी जुटानी थी।
सूत्र बताते हैं कि पूछताछ में जाहिद ने कहा है कि इसकी उसे अभी जानकारी नहीं दी गई थी कि उसे रोहतक में क्या करना था। वह कुछ दिनों बाद वहां जाने की तैयारी में था, मगर वह इससे पहले ही पकड़ लिया गया।
जानकार बताते हैं कि कॉल स्पूफिंग में फोन करने वाले का सही नंबर प्रदर्शित नहीं होता है। फोन करने वाला जो भी नंबर चाहे वह दर्ज कर देता है, फिर वही नंबर कॉल रिसीव करने वाले को दिखाई देता है। ऐसे में इस दिशा में जांच एजेंसियों की पड़ताल आगे नहीं बढ़ पा रही है। हालांकि पूछताछ में यह सामने आ चुका है कि जाहिद ने मेरठ कैंप की कई गोपनीय सूचनाएं व नक्शे आईएसआई को लीक किए हैं।
इसके अलावा वह कई बार आगरा आया और आगरा कैंट व ताजमहल से जुड़ी कई सूचनाएं भेजी हैं। फिलहाल जांच अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि किन वजहों से जाहिद आईएसआई के लिए अपने देश से गद्दारी करने को तैयार हुआ। जाहिद ने अभी तक इसका कोई तर्कसंगत जवाब नहीं दिया है।
बता दें, मेरठ क्राइम ब्रांच के पुलिस अधीक्षक शहाब रशीद खान ने पाक जासूस जाहिद को बुलंदशहर के भूड़ चौराहे के पास से शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किया था।
उधर, फोरेंसिक विशेषज्ञों ने उसके मोबाइल में दर्ज डाटा को हासिल करने की कवायद शुरू कर दी है। एटीएस व अन्य जांच एजेंसियों के अधिकारी सोमवार को जाहिद को मेरठ ले गए। वहां उन जगहों पर पड़ताल की गई जहां-जहां पहले वह गया था। इस छानबीन में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। मेरठ में जाहिद के कुछ जानने वालों को भी जांच एजेंसियों ने चिह्नित किया है। जिनसे पूछताछ की जाएगी।
जाहिद के बैंक खाता की खंगाली गई डिटेल
आईएसआई एजेंट जाहिद के खाते में मिले 80 हजार रुपये के संबंध में अधिकारियों ने सोमवार को बैंक से जानकारी जुटाई। सूत्रों की माने तो जाहिद पिछले काफी समय से अपने खाते में थोड़ी-थोड़ी रकम जमा कर रहा था। पत्नी व बच्चे न होने के कारण उसका कोई अधिक खर्चा भी नहीं था। आरोपी के बैंक खाते की डिटेल चेक की गई है। इसके आधार पर कहीं से कोई भी संदिग्ध रूप से राशि जमा नहीं की गई है। हालांकि अधिकारी इस बाबत अभी बयान देने से कतरा रहे हैं।