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चुनाव के बाद विभागों में तबादले की तैयारी, वाणिज्य कर विभाग के कर्मियों की बारी

Mon, 20 May 2019 10:23 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Mon, 20 May 2019 10:23 PM IST
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ip government prepares for transfer after election, commercial tax in row
राज्य चिह्न - फोटो : amar ujala
चुनाव बीतने के साथ ही विभागों में तबादले की तैयारी शुरू हो गई है। इसी कड़ी में वाणिज्यकर विभाग में अराजपत्रित श्रेणी के समूह ‘ग’ व ‘घ’ के कर्मियों के लिए तबदला नीति जारी कर दी गई है। जिसके मुताबिक वाणिज्य कर जोनल स्तर पर इस संवर्ग के कर्मियों का तबादला 31 मई तक ही हो सकेगा। 
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इसके साथ ही कर निर्धारण और गैर कर निर्धारण कार्यालयों में तैनाती की अवधि भी निर्धारित कर दी गई है। वहीं गंभीर शिकायतों से घिरे कार्मिको संवेदनशील व महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती दिए जाने पर रोक लगा दी गई है।
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सरकार द्वारा जारी वर्षिक स्थानांतरण नीति के आधार पर वाणिज्य कर आयुक्त सभी जोन के एडिशनल कमिश्नरों को समूह ‘ग’ व ‘घ’ संवर्ग के अधिकारियों व कर्मचारियों के तबादले 31 मई तक ही करने के निर्देश दिए हैं। 
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इसके बाद कोई भी तबादला आयुक्त की अनुमति के बिना नहीं हो सकेगा। वाणिज्य कर मुख्यालय की ओर से जारी तबादला नीति के मुताबिक अराजपत्रित श्रेणी के सभी संवर्ग के कर्मियों का जोन के भीतर स्थानांतरण व पटल परिवर्तन 31 मई के भीतर ही किया जाएगा।

एडिशनल कमिश्नर (प्रशासन) सुधा वर्मा की ओर से जारी तबादला नीति के मुताबिक सभी तबादले पद आवंटन के अनुरूप ही किए जाएंगे। कार्मिकों की किसी कार्यालय से किसी भी दशा में संबद्धीकरण नहीं किया जाएगा। 

इसके अलावा भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता और प्रतिकूल आचरण की शिकायतों से घिरे कार्मिकों को तत्काल कर निर्धारण समेत अन्य महत्वपूर्ण अनुभागों से स्थानांतरित करते हुए उनके खिलाफ अुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजने को कहा गया है। साथ ही जरूरत के मताबिक ऐसे कर्मियों को जोन से बाहर भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं।

कर चोरी रोकने के संबंधित विशेष अनुसंधान शाखा और सचल दल में पूर्व में तैनात रह चुके कर्मियों को अगामी तीन साल तक इन दोनों शाखाओं में तैनाती न करने के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इन दोनों शाखाओं में तैनाती के दौरान समूह ‘ग’ और ‘घ’ संवर्ग के उन कर्मियों को इन दोनों शाखाओं में कभी भी तैनाती न दिए जाने का भी निर्देश दिया गया है, जिनके खिलाफ इन दोनों शाखाओं तैनाती के दौरान भ्रष्टाचार के आरोप लगे हों।

समिति करेगी लखनऊ समेत 4 जोन में तबादले

चूंकि लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर व वाराणसी में एक से अधिक एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 की तैनात हैं, इसलिए इन चारों जोन में एडिशलन कमिश्नर ग्रेड-1 को प्रथम व द्वितीय जोन के कार्मिकों के तबादले के लिए अधिकृत किया गया है। 

हलांकि इसकेलिए एक समिति का गठन किया गया है। इस समिति के माध्यम से ही चारों जोन में तबादले होंगे। इस समिति में दोनो जोन के एडिशलन कमिश्नर ग्रेड-1 और दोनों जाइंट कमिश्नर (कार्यपालक) को शामिल किया गया है। इसके अलावा अन्य जोन के कर्मियों जोन से बाहर और मुख्यालय में तैनात कर्मियों का तबादला एडिशनल कमिश्नर (प्रशासन) के स्तर से किए जाएंगे।

सचल दल में एक वर्ष से अधिक नहीं रह सकेंगे

तबादला नीति में सचल दल और विशेष अनुसंधान शाखा में तैनाती की अवधि भी निर्धारित कर दी गई है। सचल दल में कोई भी कार्मिक एक साल से अधिक अवधि तक नहीं सकेगा, जबकि विशेष अनुसंधान शाखा में तैनाती की अधिकतम अवधि दो साल तक की ही रहेगी। जबकि कर निर्धारण से संबंधित कार्यालयों में भी कार्मियों तैनाती की अवधि तीन साल और गैर कर निर्धारण कार्यालयों में दो साल तक की रखी गई है। 

एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 (अपील) और टैक्स ऑडिट कार्यालय को भी कर निर्धारण कार्यालय की परिधि में माना जाएगा। इसी तरह कर निर्धारण कार्यालयों में तैनाती की अवधि की गणना कार्मिक के उसी कार्यालय में संबद्धीकरण अवधि को भी जोड़कर की की जाएगी।
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