{"_id":"603254de9412e40c6d5251c5","slug":"involvement-and-coordination-win-over-kovid-and-encephalitis-chief-minister","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पूर्वांचल में 75 फीसदी घटा दिमागी बुखार का प्रकोप : मुख्यमंत्री योगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्वांचल में 75 फीसदी घटा दिमागी बुखार का प्रकोप : मुख्यमंत्री योगी
Sun, 21 Feb 2021 10:22 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 21 Feb 2021 10:22 PM IST
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दस्तक अभियान और जेई टीकाकरण जैसे प्रयासों से दिमागी बुखार के प्रसार में 75 फीसदी से अधिक गिरावट आई है। साथ ही इस बीमारी सेमौत के आंकड़ों में 95 फीसदी से अधिक कमी दर्ज की गई है। 40-42 वर्षों तक यह बीमारी हजारों बच्चों की मौत का कारण बनी थी। लेकिन कोई प्रभावी इंतजाम नहीं हो सका। वर्ष 2017 में एक समन्वित अभियान की शुरुआत से बीमारी पर काबू पाया गया। वे रविवार को जेई टीकाकरण अभियान की शुरुआत के मौके पर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हर साल 1200 तक मौतें होती थीं। लेकिन समन्वित प्रयासों और जन जागरूकता के चलते मौत का आंकड़ा काफी कम हुआ है। उन्होंने जेई पर नियंत्रण में पंचायती राज, बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा विभागों की भूमिका को भी सराहा। ई-कवच एप लांच करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने जेई टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों की लाइन लिस्टिंग तैयार करने और टीकाकरण की सूचनाएं अपलोड करने के लिए यह कवच बनाया है। इसके माध्यम से जेई टीकाकरण की सतत मॉनिटरिंग की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि कोई भी टीका सही समय से न लगे तो वह प्रभावी नहीं होता है। टीके को एक्टिवेट होने में समय लगता है। जेई के लिहाज से फरवरी सबसे सही समय है कि टीकाकरण किया जाए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हर साल 1200 तक मौतें होती थीं। लेकिन समन्वित प्रयासों और जन जागरूकता के चलते मौत का आंकड़ा काफी कम हुआ है। उन्होंने जेई पर नियंत्रण में पंचायती राज, बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा विभागों की भूमिका को भी सराहा। ई-कवच एप लांच करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने जेई टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों की लाइन लिस्टिंग तैयार करने और टीकाकरण की सूचनाएं अपलोड करने के लिए यह कवच बनाया है। इसके माध्यम से जेई टीकाकरण की सतत मॉनिटरिंग की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि कोई भी टीका सही समय से न लगे तो वह प्रभावी नहीं होता है। टीके को एक्टिवेट होने में समय लगता है। जेई के लिहाज से फरवरी सबसे सही समय है कि टीकाकरण किया जाए।
विज्ञापन
2.89 लाख नव दंपतियों को मिली शगुन किट
खुशहाल परिवार दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सीएम ने नवविवाहितों को शगुन किट भी भेंट की। उन्होंने कहा कि परिवार कल्याण सेवाओं को गति देने के लिए हर माह 21 तारीख को खुशहाल परिवार दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। बीते नवंबर, दिसंबर और जनवरी में खुशहाल परिवार दिवस के माध्यम से 2,89,413 नव दंपतियों को परिवार नियोजन की स्थायी व अस्थायी विधियों की सेवाएं उपलब्ध कराई गईं हैं। सीएम ने लॉकडाउन के कारण टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए सघन मिशन इंद्रधनुष 3.0 अभियान की शुरुआत भी की। अभियान में प्रदेश के 37 जिलों में नवजात शिशु एवं गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जाएगा।
ई-कवच पर साढ़े तीन लाख बच्चों का ब्योरा
चिकित्सा, स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि जेई टीकाकरण से छूटे बच्चों को 21 फरवरी से शुरू हो रहे पखवाड़े में जेई वैक्सीन लगाया जाना है। छूटे बच्चों के चिह्नांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ई-कवच एप पर जेई टीकाकरण से छूटे 3.50 लाख बच्चों का ब्योरा दर्ज है। जेई टीकाकरण अभियान के तहत संवेदनशील 38 जिलों में छूटे 15 वर्ष से छोटे सभी बच्चों को आच्छादित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सघन मिशन इंद्रधनुष 3.0 अभियान दो चरणों में चलेगा। पहले चरण में 23 फरवरी और 1-2 मार्च को टीकाकरण होगा। दूसरा चरण 23 मार्च, 5-6 अप्रैल को चलाया जाएगा।
ई-कवच पर साढ़े तीन लाख बच्चों का ब्योरा
चिकित्सा, स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि जेई टीकाकरण से छूटे बच्चों को 21 फरवरी से शुरू हो रहे पखवाड़े में जेई वैक्सीन लगाया जाना है। छूटे बच्चों के चिह्नांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ई-कवच एप पर जेई टीकाकरण से छूटे 3.50 लाख बच्चों का ब्योरा दर्ज है। जेई टीकाकरण अभियान के तहत संवेदनशील 38 जिलों में छूटे 15 वर्ष से छोटे सभी बच्चों को आच्छादित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सघन मिशन इंद्रधनुष 3.0 अभियान दो चरणों में चलेगा। पहले चरण में 23 फरवरी और 1-2 मार्च को टीकाकरण होगा। दूसरा चरण 23 मार्च, 5-6 अप्रैल को चलाया जाएगा।