देश-विदेश से निवेश लाने के लिए यूपी में बनेगा निवेश बोर्ड, मुख्यमंत्री योगी होंगे अध्यक्ष
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उत्तर प्रदेश में बड़ी मात्रा में निवेश को आकर्षित करने के लिए अलग से निवेश बोर्ड के गठन का फैसला किया गया है। इसके लिए अधिनियम का प्रारूप तैयार करवाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री इस बोर्ड के पदेन अध्यक्ष और निवेश प्रोत्साहन मंत्री पदेन उपाध्यक्ष होंगे। आगे से इन्वेस्टर्स समिट की जिम्मेदारी भी उद्योग विभाग के बजाय यही बोर्ड और संबंधित निवेश प्रोत्साहन मंत्रालय संभालेगा।
यूपी सरकार ने अधिकाधिक निवेश लाने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और मध्य पूर्व के देशों में 9 रोड शो कराने का निर्णय भी किया है। इसके अलावा दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और बंगलूरू में भी 5 रोड शो किए जाएंगे।
उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, ये रोड शो कराने से पहले सरकार निवेश बोर्ड का गठन कर देगी। बोर्ड के गठन के लिए अधिनियम बनाना होगा। इसलिए संबंधित प्रारूप को नियमानुसार पहले कैबिनेट से पास करवाया जाएगा। इसके बाद उसे विधानसभा और विधान परिषद में रखा जाएगा। निवेश प्रोत्साहन मंत्रालय अनपूरक बजट में बोर्ड के लिए धनराशि की मांग करेगा।
20-25 होंगे सदस्य, प्रमुख सचिव स्तर का अफसर होगा सचिव
अधिनियम के प्रस्तावित प्रारूप के अनुसार, बोर्ड में 20-25 सदस्य होंगे। विभिन्न विभागों से संबंधित प्रमुख सचिव या अपर मुख्य सचिव इसके सदस्य होंगे। बोर्ड का सदस्य सचिव भी प्रमुख सचिव या अपर मुख्य सचिव स्तर का अधिकारी होगा।
आईएएस अधिकारियों के अलावा निवेश एवं उद्योग के क्षेत्र के विशेषज्ञ भी इसमें बतौर सदस्य शामिल किए जाएंगे। राज्य मुख्यालय स्तर पर बोर्ड का नवगठित ढांचा काम करेगा। उसके नीचे जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) रहेंगे। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर बुलाए जा रहे विधानमंडल के विशेष सत्र में अधिनियम का ड्राफ्ट रखे जाने की योजना है।
निवेश एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने निवेश बोर्ड के गठन के लिए एक्ट बनाने का फैसला किया है। इसके लिए नियमानुसार कैबिनेट से ड्राफ्ट की मंजूरी के बाद सदन में बिल लाया जाएगा।