फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Investigation starts to stop the selling of fake medicines.

दवाओं का काला कारोबार: नकली दवाओं के बैच की बिक्री पर रोक, जांच अभियान शुरू

Tue, 02 May 2023 09:04 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 02 May 2023 09:04 AM IST
सार

यूपी में नकली दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। यह निर्णय सैंपल जांच रिपोर्ट के बाद लिया गया है। ये सैंपल सीतापुर, हरदोई और उन्नाव में लिए गए थे।
 

विज्ञापन
Investigation starts to stop the selling of fake medicines.
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : Istock

विस्तार

नकली दवाओं की बिक्री के खिलाफ अमर उजाला के अभियान शुरू करने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) की नींद खुल गई है। नकली दवा की सैंपल जांच रिपोर्ट के बाद तत्काल इनकी बिक्री पर रोक लगा दी गई है। प्रदेश मुख्यालय से सभी औषधि निरीक्षकों को बैंच नंबर की जानकारी देते हुए निरंतर जांच के आदेश दिए गए हैं। औषधि निरीक्षकों को हर माह सैंपल भरकर विवरण भी देना होगा।

विज्ञापन


वाराणसी में एसटीएफ व एफएसडीए ने बीते माह नकली दवाओं के साथ कई लोगों को गिरफ्तार किया था। पड़ताल के बाद लखनऊ में सैंपल लिए गए, जिनकी जांच रिपोर्ट गड़बड़ मिलने पर संबंधित बैच नंबर की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इनमें रक्तचाप, हृदयरोग के मरीजों को दी जाने वाली टेल्मा 40 बैच नंबर 18210779 और टेल्मा एच बैच नंबर 18210425 शामिल हैं। इन दोनों दवाओं के सैंपल आंध्र प्रदेश में भी फेल हो गए हैं। इसी तरह गैस की दवा पैन 40 का बैच नंबर 22442076 एवं पैन डी बैच नंबर 22441755 भी नकली पाया गया है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - हाथ वाला कांग्रेस का नहीं, न ही साइकिल वाला सपा का, प्रत्याशियों को लेकर दिलचस्प नजारा
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - यूपी में बिजली दर की बढ़ोतरी पर लग सकती है रोक, बिजली कंपनियों का प्रस्ताव हो सकता है खारिज


ये नकली दवाएं यहां से तेलंगाना भी भेजी गई थीं। एफएसडीए के सहायक आयुक्त ब्रजेश कुमार ने बताया कि लखनऊ की मुख्य दवा मंडी से हर दिन संदिग्ध दवाओं के सैंपल भरे जा रहे हैं। जिनकी रिपोर्ट गलत आ गई है, उनकी बिक्री रोक दी गई है। तीन दिन में करीब 25 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट आने के बाद संबंधित बैच पर फैसला लिया जाएगा। इसी तरह हरदोई, उन्नाव, सीतापुर सहित आसपास के अन्य जिलों में भी जांच शुरू हो गई है।

ये दवाएं भी मिलीं नकली
लखनऊ में जनवरी में लिए गए सैंपल की भी जांच रिपोर्ट आ गई है। इसमें सेफिक्सिम (जीफी) 200 बैच नंबर 012 डी 107, रुमेटाइन 625 के बैच नंबर एएसटी 21002 और डिक्लोगम टैबलेट बैच नंबर एसटी 8075 नकली पाई गईं है। सहायक आयुक्त ने बताया कि इससे पहले मई 2022 में नकली दवाएं मिलने पर ओमेज डीएसआर के बैच नंबर ई 2200235, अगस्त 2022 में बिना बैच नंबर की दवा ट्रैमासेट (बुखार में प्रयोग होने वाली), विगोर 50 बैच नंबर जीएसआईओ 228, बिना बैच की अल्प्राजोलाम और सेंसोर आन 50 के साथ दो व्यक्तियों को जेल भेजा गया।

उप आयुक्त एफएसडीए संजीव कुमार चौरसिया का कहना है कि जिनकी रिपोर्ट आ गई है, उन दवाओं के बारे में सभी औषधि निरीक्षकों को जानकारी भेज दी गई है। नकली दवाएं जो भी बेचता पाया जाएगा, उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। पूरे प्रदेश में जांच अभियान भी शुरू कर दिया गया है। औषधि निरीक्षक हर दिन कहीं न कहीं सैंपल लेंगे। इसे माहवार समीक्षा में भी शामिल कर लिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed