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अनाज उठान से जुड़ी सप्लाई फर्मों का होगा सत्यापन, दागी हटेंगे
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लखनऊ। राशन वितरण व्यवस्था को पटरी पर लाने की कवायद में जुटा प्रशासन अब डोर-स्टेप-डिलीवरी से जुड़े सप्लाई ठेकेदारों पर शिकंजा कसेगा। इसके लिए आरएफसी (रीजनल फूड कॉरपोरेशन) के अनाज गोदामों से हर माह आवंटित अनाज की उठान से जुड़ी ठेकेदार फर्मों का सत्यापन होगा। दागी फर्मों को हटाया जाएगा। एसएफसी प्रबंधन को यह निर्देश भी दिया गया है कि निशुल्क होने वाली डोर स्टेप डिलीवरी के एवज में हो रही वसूली को सख्ती से रोका जाए। जांच में दोषी पाए जाने पर ऐसी सप्लाई फर्मों का अनुबंध निरस्त किया जाए। यह जानकारी एडीएम आपूर्ति आरडी पांडेय ने दी।
उन्होंने बताया कि गत माह दुकानदारों ने शिकायत की थी कि राजाजीपुरम वेयरहाउस परिसर में एसएफसी गोदाम के प्रभारियों की साठगांठ से निशुल्क होने वाली डोर स्टेप डिलीवरी के एवज में सप्लाई फर्म से जुड़े ठेकेदार नौ रुपये प्रति टन के हिसाब से अवैध वसूली कर रहे हैं। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने इसे गंभीरता से लेते हुए एडीएम आपूर्ति को मामले की जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया है। इसके लिए एडीएम आपूर्ति के स्तर से सप्लाई फर्मों के कामका गुपचुप सत्यापन कराया जाएगा। गड़बड़ी करने वाली सप्लाई फर्मों को उठान कार्य से बाहर किए जाने की संस्तुति एसएफसी प्रबंधन को भेजी जाने वाली रिपोर्ट में होगी।
पुराने दागी संग चहेते संभाल रहे जिम्मेदारी
जानकार बताते हैं कि आरएफसी स्तर से गत माह डोर स्टेप डिलीवरी के तहत गोदामों से राशन दुकानों तक आवंटित अनाज की उठान पहुंचाने का कार्य पुरानी दागी फर्मों को सौंपा गया है। इसमें एसएफसी के समय में राशन अनाज की कालाबाजारी में फंसी एक फर्म के संचालक ने इस बार फर्म का नाम बदलकर पुन: कई गोदामों से अनाज उठान सप्लाई का ठेका पाया है। जबकि शहरी क्षेत्र में अनाज उठान का ठेका राजाजीपुरम में संचालित एसएफसी गोदाम के एक प्रभारी के करीबी रिश्तेदार को ही सौंप दिया गया।
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एसएफसी से छिना था काम
आरएफसी से पहले राशन अनाज की जिम्मेदारी संभालने वाली एसएफसी के दौरान सप्लाई फर्मों द्वारा कालाबाजारी के कई मामले सामने आए थे। इसी के बाद डीएम की संस्तुति पर अप्रैल 2018 से राजधानी में अनाज उठान का कार्य एसएफसी से छीनकर आरएफसी को सौंपा गया था।
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उन्होंने बताया कि गत माह दुकानदारों ने शिकायत की थी कि राजाजीपुरम वेयरहाउस परिसर में एसएफसी गोदाम के प्रभारियों की साठगांठ से निशुल्क होने वाली डोर स्टेप डिलीवरी के एवज में सप्लाई फर्म से जुड़े ठेकेदार नौ रुपये प्रति टन के हिसाब से अवैध वसूली कर रहे हैं। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने इसे गंभीरता से लेते हुए एडीएम आपूर्ति को मामले की जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया है। इसके लिए एडीएम आपूर्ति के स्तर से सप्लाई फर्मों के कामका गुपचुप सत्यापन कराया जाएगा। गड़बड़ी करने वाली सप्लाई फर्मों को उठान कार्य से बाहर किए जाने की संस्तुति एसएफसी प्रबंधन को भेजी जाने वाली रिपोर्ट में होगी।
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पुराने दागी संग चहेते संभाल रहे जिम्मेदारी
जानकार बताते हैं कि आरएफसी स्तर से गत माह डोर स्टेप डिलीवरी के तहत गोदामों से राशन दुकानों तक आवंटित अनाज की उठान पहुंचाने का कार्य पुरानी दागी फर्मों को सौंपा गया है। इसमें एसएफसी के समय में राशन अनाज की कालाबाजारी में फंसी एक फर्म के संचालक ने इस बार फर्म का नाम बदलकर पुन: कई गोदामों से अनाज उठान सप्लाई का ठेका पाया है। जबकि शहरी क्षेत्र में अनाज उठान का ठेका राजाजीपुरम में संचालित एसएफसी गोदाम के एक प्रभारी के करीबी रिश्तेदार को ही सौंप दिया गया।
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एसएफसी से छिना था काम
आरएफसी से पहले राशन अनाज की जिम्मेदारी संभालने वाली एसएफसी के दौरान सप्लाई फर्मों द्वारा कालाबाजारी के कई मामले सामने आए थे। इसी के बाद डीएम की संस्तुति पर अप्रैल 2018 से राजधानी में अनाज उठान का कार्य एसएफसी से छीनकर आरएफसी को सौंपा गया था।