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Lucknow News: पूर्व जिपं अध्यक्ष के कार्यकाल में भ्रष्टाचार की जांच शुरू
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लखनऊ। गोसाईंगंज से जिला पंचायत सदस्य नीतू रावत ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय बहादुर यादव के कार्यकाल में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उनकी ओर से प्रमुख सचिव गृह को शपथ पत्र देकर विजय बहादुर पर जिला पंचायत में भ्रष्टाचार कर मोटी रकम कमाने की बात कही गई है। शासन ने डीएम को जांच के निर्देश दिए हैं। इसके बाद बनाई गई कमेटी भ्रष्टाचार के साक्ष्य जुटा रही है।
नीतू ने शपथ पत्र में कहा है कि वर्ष 2013 में विजय बहादुर अध्यक्ष चुने गए थे। वर्ष 2016 में उनकी पत्नी माया देवी इसी पद पर चुनी गईं। 2021 से विजय बहादुर की परिचित आरती रावत जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। आरोप है कि सरकारी धन का गबन कर 2013 से 2020 के बीच अकूत संपत्ति अर्जित की गई।
शपथ पत्र में संलग्न की गई सूची में विजय बहादुर की संपत्तियों का ब्योरा है। उधर, प्रमुख सचिव पंचायती राज विभाग को भी शपथ पत्र दिया गया है। इसके मुताबिक निर्वाचन के बाद आरती रावत की ओर से जिला पंचायत को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। वित्तीय अनियमितताओं से विकास कार्य बाधित हुआ।
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नीतू ने प्रॉपर्टी डीलरों के साथ सांठगांठ कर उन्हें लाभ पहुंचाने, शासकीय धन का दुरुपयोग कर शहरी क्षेत्र में सड़कों का निर्माण करने, पांच हजार बीघे का मानचित्र स्वीकृत कर भ्रष्टाचार करने समेत 11 बिंदुओं पर शिकायत की है। प्रमुख सचिव ग्राम विकास को भी शिकयत पत्र भेजकर ब्लॉक निधि में बंदरबांट, खड़ंजा व नाला निर्माण के नाम पर खेल और निजी लोगों को लाभ पहुंचाने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
जांच कमेटी ने शनिवार के छुट्टी होने के बावजूद जिला पंचायत का दफ्तर खुलवाकर दस्तावेजों की जांच की। सूत्रों का कहना है कि कई दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं। माना जा रहा है कि जल्द पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष से पूछताछ होगी। उधर, नीतू रावत ने इस संबंध में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
विजय बहादुर यादव का कहना है कि सभी आरोप निराधार हैं। वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा की हैं। पार्टी से अलग होने के कारण मुझ पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं।
नीतू ने शपथ पत्र में कहा है कि वर्ष 2013 में विजय बहादुर अध्यक्ष चुने गए थे। वर्ष 2016 में उनकी पत्नी माया देवी इसी पद पर चुनी गईं। 2021 से विजय बहादुर की परिचित आरती रावत जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। आरोप है कि सरकारी धन का गबन कर 2013 से 2020 के बीच अकूत संपत्ति अर्जित की गई।
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शपथ पत्र में संलग्न की गई सूची में विजय बहादुर की संपत्तियों का ब्योरा है। उधर, प्रमुख सचिव पंचायती राज विभाग को भी शपथ पत्र दिया गया है। इसके मुताबिक निर्वाचन के बाद आरती रावत की ओर से जिला पंचायत को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। वित्तीय अनियमितताओं से विकास कार्य बाधित हुआ।
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नीतू ने प्रॉपर्टी डीलरों के साथ सांठगांठ कर उन्हें लाभ पहुंचाने, शासकीय धन का दुरुपयोग कर शहरी क्षेत्र में सड़कों का निर्माण करने, पांच हजार बीघे का मानचित्र स्वीकृत कर भ्रष्टाचार करने समेत 11 बिंदुओं पर शिकायत की है। प्रमुख सचिव ग्राम विकास को भी शिकयत पत्र भेजकर ब्लॉक निधि में बंदरबांट, खड़ंजा व नाला निर्माण के नाम पर खेल और निजी लोगों को लाभ पहुंचाने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
जांच कमेटी ने शनिवार के छुट्टी होने के बावजूद जिला पंचायत का दफ्तर खुलवाकर दस्तावेजों की जांच की। सूत्रों का कहना है कि कई दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं। माना जा रहा है कि जल्द पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष से पूछताछ होगी। उधर, नीतू रावत ने इस संबंध में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
विजय बहादुर यादव का कहना है कि सभी आरोप निराधार हैं। वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा की हैं। पार्टी से अलग होने के कारण मुझ पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं।