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Lucknow News: केजीएमयू में अभद्र भाषा बोलने के आरोप में विभागाध्यक्ष के खिलाफ जांच
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लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) का पैथोलॉजी विभाग फिर चर्चा में है। यहां विभागाध्यक्ष पर साथी महिला शिक्षक ने अभद्र भाषा बोलने का आरोप लगाते हुए शिकायत की है। इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने मामला विशाखा समिति के हवाले कर जांच करने का निर्देश दिया है। पैथोलॉजी विभाग में लिक्विड बेस्ड साइटोलॉजी मशीन की खरीद के लिए भी पिछले कुछ दिनों से रार मची हुई है।
यह रार विभागाध्यक्ष की ओर से तकनीकी बिड में चुनी गई मशीन खारिज करने के बाद शुरू हुई है। केजीएमयू प्रशासन का तर्क था कि विभागाध्यक्ष ने पहले खुद ही मशीन खरीद का प्रस्ताव भेजा और बजट पास होने के बाद मशीन खरीद के समय इसे खारिज दिया। जबकि यह मशीन पुरानी के बदले नई मशीन आने की योजना के तहत ली जानी है। इसके लिए बुलाई गई बैठक में भी विभागाध्यक्ष नहीं गए थे। इस पर उन्हें नोटिस जारी किया गया है। वहीं, विभागाध्यक्ष चिकित्सीय अवकाश पर चल रहे हैं। अब इसमें नया मोड़ आ गया है। पैथोलॉजी विभाग की शिक्षक ने उन पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। वहीं, केजीएमयू प्रशासन ने दोनों मामलों में किसी प्रकार का संबंध होने की बात खारिज की है। अब मामला जांच समिति की रिपोर्ट पर टिका है। जांच समिति में प्रो. मोनिका कोहली, डॉ. क्षितिज श्रीवास्तव, ऊषा अवस्थी, डॉ. रेखा सचान, डॉ. सुजाता, डॉ. मनीष बाजपेयी और डॉ. मौसमी सिंह शामिल हैं।
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यह रार विभागाध्यक्ष की ओर से तकनीकी बिड में चुनी गई मशीन खारिज करने के बाद शुरू हुई है। केजीएमयू प्रशासन का तर्क था कि विभागाध्यक्ष ने पहले खुद ही मशीन खरीद का प्रस्ताव भेजा और बजट पास होने के बाद मशीन खरीद के समय इसे खारिज दिया। जबकि यह मशीन पुरानी के बदले नई मशीन आने की योजना के तहत ली जानी है। इसके लिए बुलाई गई बैठक में भी विभागाध्यक्ष नहीं गए थे। इस पर उन्हें नोटिस जारी किया गया है। वहीं, विभागाध्यक्ष चिकित्सीय अवकाश पर चल रहे हैं। अब इसमें नया मोड़ आ गया है। पैथोलॉजी विभाग की शिक्षक ने उन पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। वहीं, केजीएमयू प्रशासन ने दोनों मामलों में किसी प्रकार का संबंध होने की बात खारिज की है। अब मामला जांच समिति की रिपोर्ट पर टिका है। जांच समिति में प्रो. मोनिका कोहली, डॉ. क्षितिज श्रीवास्तव, ऊषा अवस्थी, डॉ. रेखा सचान, डॉ. सुजाता, डॉ. मनीष बाजपेयी और डॉ. मौसमी सिंह शामिल हैं।
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